पाकिस्तान में एक प्रमुख धर्मगुरु की गोली मारकर हत्या
नरेश
- 05 May 2026, 03:50 PM
- Updated: 03:50 PM
पेशावर, पांच मई (भाषा) पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार को लक्षित हमले में एक प्रमुख धर्मगुरु की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने चारसद्दा जिले के उस्मानज़ई इलाके में शेख-उल-हदीस मौलाना मोहम्मद इदरीस के वाहन पर घात लगाकर हमला किया जिसमें उनके साथ मौजूद दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
इदरीस को पाकिस्तान के वरिष्ठ और सम्मानित धार्मिक विद्वानों में गिना जाता था।
इस हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी भी समूह ने नहीं ली है।
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने धर्मगुरु पर उस समय गोली चलाई, जब वह दारुल उलूम उत्मान जई में दर्स-ए-हदीस (धार्मिक प्रवचन) देने जा रहे थे। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
बाद में शव को चारसद्दा जिला स्थित उनके पैतृक गांव तुरंगज़ई ले जाया गया। उनकी मौत की खबर सुनकर बड़ी संख्या में उनके समर्थक और प्रशंसक अस्पताल में जमा हो गए।
इस घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारी चारसद्दा शहर की ओर मार्च करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
प्रदर्शनकारियों ने सड़के भी अवरुद्ध कर दी और फारूक-ए-आजम चौक पर धरने पर बैठ गए।
खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जुल्फिकार हमीद ने मरदान के क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी से एक रिपोर्ट मांगी है, जिसमें प्राधिकारियों को अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
इदरीस, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (एफ) के चारसद्दा जिले के प्रमुख भी थे और पार्टी प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के करीबी सहयोगी माने जाते थे।
उनके ससुर मौलाना हसन जान की एक प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान थे, जिनकी 2007 में पेशावर में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा सशस्त्र संघर्ष का विरोध करने के कारण हत्या कर दी गई थी।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इदरीस की हत्या पर दुख जताया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ''ऐसे कायरतापूर्ण कृत्य देश का मनोबल नहीं गिरा सकते।''
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को खत्म करने का देश का संकल्प ''मजबूत और अडिग'' है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस हत्या पर दुख जताया और मृतक के परिजन के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल फैसल करीम कुंदी ने मौलवी की मौत को ''अपूरणीय क्षति'' बताया और अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी।
मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी हमले की निंदा की और पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) के अध्यक्ष ऐमल वली खान ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह प्रांत में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति का ''स्पष्ट प्रमाण'' है।
भाषा यासिर नरेश
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