'सरके चुनर' विवाद: संजय दत्त ने माफी मांगी; 50 आदिवासी लड़कियों की शिक्षा का खर्च उठाएंगे
सुरेश
- 27 Apr 2026, 09:04 PM
- Updated: 09:04 PM
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) अभिनेता संजय दत्त ''सरके चुनर'' गीत से जुड़े विवाद के सिलसिले में सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष पेश हुए और एक लिखित माफीनामा सौंपा तथा समाज की भावनाओं को ''अनजाने में'' किसी भी तरह की ठेस पहुंचाने के लिए खेद व्यक्त किया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने ''केडी द डेविल'' फिल्म के गीत में कथित अश्लीलता और महिलाओं को गलत तरीके से दर्शाने पर चिंता जताई तथा इरादे, जागरूकता और जवाबदेही के मुद्दों पर सवाल उठाए।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि क्या इस तरह के गीत को तैयार करने से पहले पूरी तरह से जांच-पड़ताल की गई थी, जिसकी सामग्री को महिलाओं को वस्तु के रूप में पेश करने को बढ़ावा देने वाला माना जा सकता है।
उन्होंने वरिष्ठ और प्रभावशाली सार्वजनिक हस्तियों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनका काम कानूनी और सामाजिक मानकों के दायरे में रहे।
आयोग ने एक बयान में कहा कि सुधारात्मक उपाय के तौर पर, दत्त ने समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण की कोशिशों के तहत 50 आदिवासी लड़कियों की पढ़ाई का खर्च उठाने का वादा किया है।
दत्त ने आयोग को यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में उनके करार में आवश्यक कानूनी प्रावधान शामिल किये जाएंगे, ताकि फिल्मों और उनसे जुड़ी रचनात्मक परियोजनाओं में महिलाओं एवं बच्चों का सम्मानजनक और उपयुक्त चित्रण हो सके।
अभिनेत्री नोरा फतेही को भी मामले में समन जारी किया गया था। हालांकि, वह पेश नहीं हो सकीं, क्योंकि वह अभी विदेश में हैं और उन्होंने सुनवाई के लिए नयी तारीख मांगी है।
छह अप्रैल को, गीत से जुड़े अन्य लोग आयोग के समक्ष पेश हुए और उन्होंने माफीनामा सौंपा था। इन लोगों में निर्देशक किरण कुमार उर्फ प्रेम, गीतकार रकीब आलम और केवीएन प्रोडक्शन कंपनी के प्रतिनिधि गौतम के. एम. और सुप्रित शामिल थे।
आयोग ने रेखांकित किया कि कलात्मक आजादी जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। इसने बड़े पैमाने पर आम लोगों तक पहुंचने वाली सामग्री में जवाबदेही की जरूरत को दोहराया।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने महिलाओं की गरिमा की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
यूट्यूब पर 15 मार्च को रिलीज हुए इस गीत के हिंदी प्रारूप के बोल कथित तौर पर अश्लील थे, जिसकी वजह से लोगों ने नाराजगी जताई थी।
सोशल मीडिया पर रोष पैदा होने के बाद इस गीत को यूट्यूब से संभवत: हटा दिया गया है। हालांकि इसे विभिन्न प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से बजाया और साझा किया गया।
बाद में एक वीडियो में, फतेही ने गीत से दूरी बनाते हुए कहा था कि उन्होंने कन्नड़ प्रारूप के लिए वीडियो शूट किया था और हिंदी प्रारूप में इसका इस्तेमाल करने के लिए उनकी इजाजत नहीं ली गई थी। गीतकार, गायक और निर्देशक ने भी माफी मांगी है।
यह मुद्दा पिछले महीने समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठाया था।
सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसपर अपने जवाब में कहा था कि जिस गीत का जिक्र किया गया है, उस पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
यह एक कन्नड़ फिल्म है, जिसे हिंदी समेत चार भाषाओं में डब किया गया है। ध्रुव सरजा, वी रविचंद्रन, रमेश अरविंद, शिल्पा शेट्टी और दत्त अभिनीत फिल्म 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
भाषा सुभाष सुरेश
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