कार्यस्थल का माहौल खराब हो, तो कर्मचारी काम छोड़ने से पहले नोटिस अवधि पूरी करते हैं : सौरभ भारद्वाज
मनीषा
- 27 Apr 2026, 03:54 PM
- Updated: 03:54 PM
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के "खराब कार्यस्थल" वाले उदाहरण पर पलटवार करते हुए कहा कि जब कोई कर्मचारी कंपनी छोड़ने का फैसला करता है, तब भी वह संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने के बजाय नोटिस अवधि पूरी करता है।
इधर आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने के फैसले पर कुछ हलकों में सवाल उठाये जाने के बीच, राघव चड्ढा ने सोमवार को कहा कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी का माहौल खराब हो चुका था और नेताओं को काम करने से रोका जा रहा था।
एक वीडियो बयान में, चड्ढा ने कहा था कि अगर कार्यस्थल का माहौल विषाक्त (काम करने के बिल्कुल प्रतिकूल) हो जाता है, कर्मचारियों को काम करने से रोका जाता है, उनकी मेहनत को दबाया जाता है और उन्हें चुप करा दिया जाता है, तो उस जगह को छोड़ देना ही सही निर्णय है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारद्वाज ने कहा कि लोग कंपनियों को छोड़ सकते हैं, लेकिन राजनीतिक दल विचारधारा पर आधारित होते हैं, न कि केवल कार्यस्थल की सुविधा पर।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किये गए एक वीडियो में कहा, "किसी कंपनी को बदलने में विचारधारा का कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन अगर कोई किसी राजनीतिक दल की विचारधारा से सहमत है, तभी वह उसमें शामिल होता है।"
भारद्वाज ने आगे कहा कि किसी कंपनी में भी, जो कर्मचारी नौकरी छोड़ने का फैसला करता है, वह पेशेवर नैतिकता का पालन करता है।
उन्होंने कहा, "यदि कोई कर्मचारी कंपनी छोड़ता है, तो वह तीन महीने की नोटिस अवधि पूरा करता है ताकि उसने उस कंपनी से जो कुछ भी सीखा है, उसे सही ढंग से हस्तांतरित किया जा सके। वे कंपनी की छवि खराब करने की साजिश नहीं रचते।"
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने सम्मानपूर्वक पार्टी छोड़ने के बजाय भाजपा में शामिल होने की योजना बनाना शुरू कर दिया और ऐसे काम करने लगे जिससे आम आदमी पार्टी को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने आरोप लगाया, "जब ईडी का दबाव बढ़ा, तो आपने भाजपा में शामिल होने की योजना बनाई और उसके साथ साजिश रचने लगे।"
आप नेता ने यह भी दावा किया कि चड्ढा द्वारा संसद में उठाए गए कई मुद्दे, जिनमें हवाई अड्डों पर किफायती भोजन, मोबाइल रिचार्ज संबंधी चिंताएं, पितृत्व अवकाश और गिग वर्कर्स के अधिकार शामिल हैं, पहले से ही भाजपा के राजनीतिक एजेंडे के अनुरूप थे।
चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने 24 अप्रैल को घोषणा की कि वे पार्टी के चार अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले अन्य राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं।
सोमवार को राज्यसभा के सभापति ने सातों सांसदों के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया कि उन्हें भाजपा सदस्य माना जाए। अब संसद के उच्च सदन में पार्टी सदस्यों की संख्या बढ़कर 113 हो गई। अब राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के केवल तीन सदस्य रह गए हैं।
भाषा प्रशांत मनीषा
मनीषा
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