तृणमूल सरकार राज्य सचिवालय से नहीं चलती, बल्कि इसे पार्टी के संरक्षित अपराधी चला रहे हैं : मोदी
सुरेश
- 26 Apr 2026, 09:54 PM
- Updated: 09:54 PM
(तस्वीर के साथ)
आरामबाग (प. बंगाल), 26 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार राज्य सचिवालय से नहीं, बल्कि पार्टी द्वारा संरक्षित गुंडों और अपराधियों द्वारा चलाई जा रही है।
चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले, हुगली जिले के आरामबाग में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए तृणमूल की ''असामाजिक तत्वों पर निर्भरता'' के कारण अक्सर कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
मोदी ने कहा, ''तृणमूल की 'निर्मम सरकार' नबान्न (राज्य सचिवालय) से नहीं चलती। इसे गुंडे और अपराधी चलाते हैं, और सरकार को पटरी पर लाने के लिए उच्च न्यायालय और देश की शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ती है।''
उन्होंने वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के कार्यान्वयन को मंजूरी दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने रैली में बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान का हवाला देते हुए दावा किया कि सत्तारूढ़ तृणमूल भारी संख्या में मतदान से ''घबराई'' हुई है।
ममता बनर्जी प्रशासन की विश्वसनीयता ''पूरी तरह से खत्म'' होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केवल भाजपा ही ऐसी सरकार बना सकती है जो राज्य के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा, ''तृणमूल ने पिछले 15 वर्षों से बंगाल में भय का माहौल बनाए रखा है। अब लोग कह रहे हैं, 'भय को दूर भगाओ, भरोसा वापस लाओ।''
मोदी ने कहा, ''लोगों को राज्य सरकार और उसके कुकृत्यों के खिलाफ अदालतों का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि उनका सरकार पर से विश्वास उठ गया है।''
उन्होंने शिक्षक भर्ती 'घोटाला', 2023 के पंचायत चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती, संदेशखलि मामला और आरजी कर बलात्कार और हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी।
प्रधानमंत्री ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह ''अपने व्यावसायिक उपक्रमों के लिए बैंकों से ऋण लेने वाली महिलाओं के लिए गारंटर बनेंगे।''
सिंगूर में टाटा मोटर्स की छोटी कार फैक्टरी परियोजना को बीच में ही छोड़ दिए जाने के स्थान से कुछ ही दूरी पर रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने हुगली जिले में ''उद्योगों के लगातार पतन'' की ओर इशारा किया।
उन्होंने कहा, ''दशकों पहले, जब देश केवल एम्बेसडर कारों का उत्पादन करता था, तो इसकी उत्पादन इकाई हुगली के उत्तरपाड़ा में हुआ करती थी। आज, जब भारत इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन और निर्यात कर रहा है, तो बंगाल में स्थापित संयंत्र बंद हो रहे हैं।''
प्रधानमंत्री ने संकल्प जताया कि बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद वह हुगली जिले को देश के औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने को प्राथमिकता देगी।
राज्य के आलू किसानों की ''दुर्दशा'' के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल सरकार से जुड़ा 'सिंडिकेट राज' उपज को कम दाम पर खरीदकर कहीं और ऊंचे दाम पर बेचता है।
मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल के शासनकाल में राज्य भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराध अपने चरम पर पहुंच गए। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर ''अपराधियों को संरक्षण देने'' का आरोप लगाया, जिसके चलते अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
मोदी ने कहा, ''चार मई के बाद, जब बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा, तो राज्य में सिंडिकेट राज, रिश्वतखोरी और कमीशन राज का अंत हो जाएगा।''
भाषा
शफीक सुरेश
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