विकास से स्थानीय लोगों को लाभ होना चाहिए, न कि कॉरपोरेट को: राहुल गांधी
नरेश
- 26 Apr 2026, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
(फोटो सहित)
श्री विजयपुरम, 26 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कथित कॉरपोरेट प्रभाव की आलोचना करते हुए रविवार को कहा कि विकास में व्यावसायिक हितों के बजाय स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
यहां डॉ. बी आर आंबेडकर सभागार में प्रदेश कांग्रेस के सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि बड़े व्यापारिक समूह विशेष रूप से ग्रेट निकोबार की अवसंरचना परियोजनाओं के संदर्भ में द्वीपसमूह पर नजर गड़ाए हुए हैं, लेकिन विकास में द्वीपवासियों की भावनाओं और कल्याण की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
रविवार सुबह यहां पहुंचे गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले करते हुए शासन व्यवस्था और कथित अनुचित कॉरपोरेट प्रभाव को लेकर चिंता जताई।
अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप समूह के 'इंदिरा प्वाइंट' से यात्रा शुरू न करके उन्होंने ''गलती की।'' उन्होंने इसे प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण बताया।
हाल में दिल्ली में द्वीपों के आदिवासी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'ग्रेट निकोबार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट' के संबंध में उनकी चिंताओं को सुनने के बाद, उन्होंने स्थिति को बेहतर ढंग से समझने के लिए व्यक्तिगत रूप से द्वीपों का दौरा करने का फैसला किया।
उन्होंने कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया, जिसमें उन्होंने द्वीपों के एक पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न मामले में लगे आरोपों का जिक्र किया और ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' अभियान के संदर्भ में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के रुख पर सवाल उठाया।
उन्होंने प्रमुख स्थानीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए, एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की आवश्यकता, जल की बेहतर उपलब्धता, बेहतर शैक्षिक बुनियादी ढांचे और टिकाऊ पर्यटन के बारे में बात की, ताकि चुनिंदा संस्थाओं के बजाय द्वीपों के लोगों को लाभ हो।
द्वीपों की सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा करते हुए, गांधी ने द्वीपों को ''मिनी इंडिया'' बताया, सांप्रदायिक सद्भाव की सराहना की और इसे सभी धर्मों की शिक्षाओं में निहित ''मोहब्बत की दुकान'' का प्रतिबिंब बताया।
उन्होंने कहा कि वे संसद में उनकी चिंताओं को उठाएंगे और सार्वजनिक मुद्दों के समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
गांधी ने इस बात पर भी जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी की भाजपा के साथ लड़ाई ''केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक'' है। उन्होंने कई राज्यों में चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल और असम में भी इसी तरह के रुझान सामने आ सकते हैं।
पार्टी के संबंध में गांधी ने कहा कि जिन लोगों के 'डीएनए' में कांग्रेस की विचारधारा नहीं है, वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पार्टी के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इससे नए नेताओं के लिए जगह बनेगी और पार्टी के भीतर ''सच्चे कांग्रेसी'' और मजबूत होंगे।
इस सम्मेलन में पार्टी के कई प्रमुख राष्ट्रीय नेता उपस्थित थे, जिनमें लोकसभा सदस्य और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लिए कांग्रेस प्रभारी बी. मणिकम टैगोर भी शामिल थे।
भाषा आशीष नरेश
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