कविता अपनी खुद की टीआरएस लेकर आईं, क्या बीआरएस की संभावनाओं को होगा नुकसान?
नरेश
- 26 Apr 2026, 06:54 PM
- Updated: 06:54 PM
हैदराबाद, 26 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता ने अपनी पार्टी का नाम तेलंगाना राष्ट्र सेना रखा है, जिसका संक्षिप्त नाम टीआरएस है, जो भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की असली पहचान से मिलता-जुलता है। इससे यह बहस छिड़ गई है कि क्या ये उनके पिता की पार्टी के हितों को नुकसान हो सकता है।
कविता के पिता के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) का मूल नाम तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) था, जो तेलंगाना राज्य के मुद्दे से जुड़ी भावनाओं के अनुरूप था। हालांकि, केसीआर की देश भर में पार्टी का विस्तार करने की महत्वाकांक्षी योजना के बाद 2022 में इसका नाम बदलकर बीआरएस कर दिया गया।
टीआरएस का नाम बदलकर बीआरएस करना लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव खोने और तेलंगाना राज्य की दशकों पुरानी आकांक्षा को तोड़ने के रूप में देखा गया।
नाम परिवर्तन को 2023 के विधानसभा चुनावों में बीआरएस की हार के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है, जिससे दक्षिणी राज्य में क्षेत्रीय पार्टी के एक दशक के शासन का अंत हो गया।
शनिवार को धूमधाम से अपने संगठन का नाम टीआरएस रखना, कविता द्वारा अपने पिता और मूल टीआरएस की विरासत पर दावा करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
बीआरएस से उनका बाहर निकलना कटुतापूर्ण था क्योंकि निजामाबाद की पूर्व सांसद कविता को एक सिंचाई परियोजना को लेकर उनके चचेरे भाइयों और पार्टी नेताओं, टी. हरीश राव और जे. संतोष कुमार की आलोचना करने के लिए निलंबित कर दिया गया था।
राजनीतिक विश्लेषक तेलकापल्ली रवि ने कहा कि कविता "बीआरएस के असंतुष्ट और नाराज तत्वों" के लिए एक एकजुटता का केंद्र बन सकती हैं, क्योंकि उनकी पार्टी का नाम टीआरएस है।
उन्होंने 'पीटीआई भाषा' को बताया, "कुछ समय पहले जब कविता ने संकेत दिया था कि उनकी पार्टी का नाम टीआरएस होगा, तो बीआरएस ने तुरंत कहा कि वे अपना मूल नाम ही रखने की कोशिश करेंगे। यह एक राजनीतिक नेता के लिए एक तरह का प्रोत्साहन है। वह इसे अपनी पहली जीत भी बता सकती हैं।"
रवि ने आगे कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस को उतना ही फायदा होगा जितना वह बीआरएस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाएंगी।
उन्होंने हालांकि कहा कि कविता के कांग्रेस और बीआरएस दोनों को चुनौती देने वाली एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरने की संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा कि कविता की पार्टी भाजपा को कुछ हद तक प्रभावित कर सकती है क्योंकि तेलंगाना पहचान के कट्टर समर्थक कांग्रेस और बीआरएस को वोट नहीं देना चाहते हैं तो वे उनकी पार्टी को चुन सकते हैं।
उन्होंने कहा, इसके अलावा, कविता अलग-अलग मुद्दों पर भाजपा पर हमला करने का विकल्प भी चुन सकती हैं।
तेलंगाना भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एन.वी. सुभाष ने कहा कि कविता की पार्टी का भगवा संगठन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "लोग उन पर विश्वास क्यों करें? उन्होंने तेलंगाना के विकास में क्या योगदान दिया है? वह मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के जाल में फंस गई हैं।"
बीआरएस के विधान परिषद सदस्य श्रवण दासोजू ने कहा कि केसीआर, जैसा कि पार्टी प्रमुख राव को संबोधित किया जाता है, एक महान व्यक्तित्व हैं जिनका योगदान तेलंगाना के इतिहास में अंकित है, राज्य की स्थापना के आंदोलन और गठन से लेकर राज्य के विकास तक।
उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि केसीआर के खिलाफ आरोप लगाने वाले किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह नयी पार्टी का हो या पुरानी पार्टी का, जनता द्वारा ही उचित सबक सिखाया जाएगा।
शनिवार को शहर के बाहरी इलाके में एक कार्यक्रम में अपनी पार्टी के नाम और एजेंडा की घोषणा करने वाली कविता ने सत्तारूढ़ कांग्रेस, भाजपा और बीआरएस पर तीखा हमला करते हुए अपने पिता को एक "बदला हुआ व्यक्ति" बताया जिनकी "अंतरआत्मा" मर चुकी है।
केसीआर और अपने भाई के.टी. रामाराव पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पिता हाल ही में बिना "राजनीतिक परिपक्वता" दिखाए बोल रहे हैं।
कविता ने कहा कि उन्होंने अपना राजनीतिक दल शुरू करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि केसीआर जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने पहले भी संकेत दिया था कि कोई भी टीआरएस के नाम पर राजनीतिक दल बना सकता है, क्योंकि उनके पिता की पार्टी टीआरएस का नाम बदलकर बीआरएस कर दिया गया है।
केसीआर ने तेलंगाना राज्य का दर्जा हासिल करने के एकमात्र उद्देश्य से 2001 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की स्थापना की थी।
भाषा प्रशांत नरेश
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