सीआरपीएफ ने सुकमा में 2017 के माओवादी हमले में शहीद हुए 25 जवानों की याद में स्मारक बनाया
खारी
- 24 Apr 2026, 04:51 PM
- Updated: 04:51 PM
सुकमा (छत्तीसगढ़), 24 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने 2017 के एक माओवादी हमले में शहीद हुए अपने 25 जवानों के सम्मान में शुक्रवार को शहीद स्मारक समर्पित किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक (सुकमा) आनंद राजपुरोहित ने जिले के दोरनापाल में 74वीं बटालियन के मुख्यालय में इस स्मारक का उद्घाटन किया।
सुरक्षा बलों पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक इस हमले में सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के 25 जवान शहीद हो गए थे।
यह घटना 24 अप्रैल 2017 को चिंतागुफा पुलिस थाना क्षेत्र के बुरकापाल में उस वक्त की है जब जवान सड़क निर्माण कार्य के लिए सुरक्षा प्रदान कर रहे थे तभी माओवादियों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया।
राजपुरोहित ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, ''24 अप्रैल को हम अपने उन बहादुर साथियों को याद करते हैं जिन्होंने विकास कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।''
उन्होंने कहा, ''उनके बलिदान के कारण ही छत्तीसगढ़ माओवादी मुक्त हो पाया है। हम एक बार फिर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।''
स्मारक के लोकार्पण के बाद उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने शहीदों को सलामी दी और उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा गया।
अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में कभी माओवादी गतिविधियां बहुत अधिक थीं। दोरनापाल-जगरगुंडा सड़क के निर्माण के दौरान भारी सुरक्षा तैनाती की आवश्यकता पड़ी थी और इस परियोजना के दौरान कई सुरक्षाकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
इन जवानों के बलिदान ने इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अधिकारियों ने बताया कि यह स्मारक शहीद जवानों की विरासत, साहस और सर्वोच्च बलिदान को संजोकर रखने के लिए स्थापित किया गया है।
इस अवसर पर सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे तथा 159वीं, 223वीं और 226वीं बटालियन के अधिकारी और जवान उपस्थित थे।
सुकमा जिले के ताड़मेटला इलाके में 2010 में माओवादियों के घात लगाकर किए गए हमले में शहीद 76 सुरक्षाकर्मियों की याद में इसी साल छह अप्रैल को एक ऐसे ही स्मारक का उद्घाटन किया गया था।
छत्तीसगढ़ और खासकर बस्तर इलाका 31 मार्च को हथियारबंद माओवादियों से मुक्त घोषित कर दिया गया।
भाषा सं संजीव खारी
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2404 1651 सुकमा