तृणमूल ने बंगाल की पहचान मिटायी, बंगालियों को अपना घर छोड़ने को मजबूर किया: प्रधानमंत्री मोदी
नरेश
- 24 Apr 2026, 06:45 PM
- Updated: 06:45 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 24 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने 15 वर्षों तक पश्चिम बंगाल को लूटा, भ्रष्टाचार और घुसपैठ के माध्यम से राज्य की पहचान को नष्ट कर दिया और यादवपुर विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों को अव्यवस्था और राजनीतिक धमकियों के प्रतीक में बदल दिया।
यादवपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत बारुईपुर इलाके में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने दावा किया कि एक दिन पहले हुए प्रथम चरण के मतदान से भाजपा के पक्ष में मजबूत लहर होने का संकेत मिलता है और कहा कि तृणमूल कांग्रेस शायद "अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी"।
प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "पहले चरण के मतदान से यह स्पष्ट हो गया है कि तृणमूल अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। अब आपको टीएमसी की निर्णायक पराजय और भाजपा की स्पष्ट जीत सुनिश्चित करनी होगी।"
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को 3.60 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 92 प्रतिशत ने मतदान किया।
उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा, "आप भीषण गर्मी सहन कर रहे हैं, लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपका प्रयास व्यर्थ नहीं जाएगा। मैं इस क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करके आपकी लगन का भरपूर प्रतिफल दूंगा।"
मोदी ने दावा किया कि भाजपा सभी व्यवसायों और सामाजिक वर्गों के लोगों की पसंद के रूप में उभरी है और कहा कि बंगाल में हर जगह उनकी पार्टी के लिए समर्थन दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बंगाल में प्रथम चरण के चुनाव में बड़े पैमाने पर हुए मतदान के संदर्भ में कहा, "देश को आजादी मिलने के बाद बंगाल की जनता ने इस बार जो कमाल किया है, ऐसा प्रदर्शन पहले नहीं देखा गया। हर जगह इस बात की चर्चा हो रही है कि बंगाल में भाजपा को कितना जबरदस्त समर्थन मिला है।"
उन्होंने दावा किया कि "छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक", और "टैक्सी चालकों से लेकर रिक्शा चालकों तक", लोग निडर होकर भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े थे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, वकीलों और डॉक्टरों ने भी खुले तौर पर पार्टी का समर्थन किया है।
पहली बार मतदान करने वालों और युवा मतदाताओं से अपील करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने पहले ही चुनावों की दिशा तय कर दी है और लोगों से आग्रह किया कि वे दूसरे और अंतिम चरण में और भी अधिक मतदान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा, "पहली बार मतदान करने वालों ने माहौल बना दिया है। अब आपकी बारी है कि आप और भी अधिक मतदान करके उनके रिकॉर्ड को तोड़ें।"
प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप देने और विभिन्न क्षेत्रों में आपराधिक नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए अपना हमला तेज कर दिया।
उन्होंने कहा, "पिछले 15 वर्षों में टीएमसी ने केवल बंगाल को लूटने का काम किया है। भ्रष्टाचार से कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं रहा है।"
भर्ती में कथित अनियमितताओं, चिट फंड धोखाधड़ी, कोयला और रेत खनन घोटालों, राशन वितरण अनियमितताओं और "कट मनी" संस्कृति का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि बंगाल के लोग जवाबदेही चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "भर्ती में अनियमितताओं, चिट फंड घोटालों और कोयला घोटालों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। गरीबों के राशन की लूट और 'कट मनी' को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर घुसपैठ की अनुमति देकर बंगाल के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
मोदी ने आरोप लगाया, "तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल की पहचान को नष्ट कर दिया है। यहां घुसपैठियों को बसाया जा रहा है। वे जमीनों पर अतिक्रमण कर रहे हैं और लोगों की रोजी- रोटी छीन रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "एक तरफ तृणमूल कांग्रेस का भ्रष्टाचार है; दूसरी तरफ घुसपैठ का दबाव है। नतीजतन, कई बंगाली अवसरों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान तभी हो सकता है जब भाजपा मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में आए।
प्रधानमंत्री ने यादवपुर विश्वविद्यालय में अशांति का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रमुख संस्थान, जो कभी अपनी शैक्षणिक विरासत के लिए सम्मानित था, "वर्तमान शासन के तहत अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है"।
मोदी ने कहा, "यादवपुर विश्वविद्यालय को कभी बड़े सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। इसकी नींव मजबूत शैक्षणिक मूल्यों पर रखी गई थी। लेकिन आज लोगों को धमकियां दी जा रही हैं और छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।"
मोदी ने दावा किया कि विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर राष्ट्रविरोधी नारे लिखे जा रहे थे और छात्रों को पढ़ाई के बजाय विरोध प्रदर्शनों में धकेला जा रहा था। उन्होंने कहा कि जो सरकार अपने ही प्रमुख शिक्षण संस्थानों की रक्षा नहीं कर सकती, वह बंगाल के भविष्य की रक्षा कैसे कर सकती है?
उन्होंने कहा, "हम अराजकता नहीं चाहते; हम एक स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण चाहते हैं। हम यहां संवाद चाहते हैं, धमकियां नहीं।"
स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि बंगाल ने ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रीय संकट के क्षणों में मार्ग प्रशस्त किया है और एक बार फिर राजनीतिक परिवर्तन के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, "जब देश ब्रिटिश अत्याचार से तंग आ चुका था, तब नेताजी ने एक नई उम्मीद जगाई। आज बंगाल तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के कुशासन से थक चुका है, लेकिन अब राज्य भर में बदलाव की एक नई लहर उठ रही है।"
महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर मोदी ने राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर मजबूत संस्थागत समर्थन का वादा किया और तृणमूल और उसके सहयोगियों पर महिलाओं की राजनीतिक प्रगति का विरोध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया, "भाजपा का मानना है कि अगर बेटी सशक्त होगी तो समाज सशक्त होगा। हम चाहते हैं कि बंगाल की हर बहन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। लेकिन संसद में तृणमूल और उसके सहयोगियों ने महिला आरक्षण का विरोध किया। देश राजनीति में बेटियों की अधिक भागीदारी चाहता है, लेकिन तृणमूल ऐसा नहीं चाहती।"
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश
2404 1845 कोलकाता