बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी सरकार ने विश्वास मत हासिल किया
खारी
- 24 Apr 2026, 02:19 PM
- Updated: 02:19 PM
(तस्वीरों सहित)
पटना, 24 अप्रैल (भाषा) बिहार विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नीत सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया।
राज्य विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान सम्राट ने यह प्रस्ताव पेश किया कि ''सदन राज्य की वर्तमान मंत्रिपरिषद में अपना विश्वास व्यक्त करे।''
राज्य के 243 सदस्यीय सदन में यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया, जहां भाजपा नीत राजग को 202 सीट के साथ भारी बहुमत प्राप्त है।
विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा पेश करते हुए कहा, ''राजग सरकार हमेशा किसानों, गरीबों और सुशासन के लिए काम करती रही है।''
उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन स्थापित करने का कार्य नीतीश कुमार के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण देना ऐतिहासिक निर्णय था और राज्य में शराबबंदी लागू करने का फैसला भी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिया था।''
उन्होंने कहा, ''हमारी सरकार 'ट्रिपल सी'-क्राइम (अपराध), करप्शन (भ्रष्टाचार), कम्युनलिज्म (सांप्रदायिकता)- पर कोई समझौता नहीं करेगी।''
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा उन्हें लालू प्रसाद यादव की ''पाठशाला'' से निकला नेता बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने कहा, ''सत्ता किसी की बपौती नहीं होती। कोई किसी की पाठशाला से नहीं आता। यदि लालू जी का मुझ पर अत्याचार नहीं होता, तो आज मैं मुख्यमंत्री नहीं होता।''
सम्राट ने कहा, ''नीतीश कुमार की इच्छा थी कि मैं बिहार का मुख्यमंत्री बनूं और मैं इससे इनकार नहीं करता।''
उन्होंने कहा, ''यह मुख्यमंत्री का पद 14 करोड़ बिहारवासियों का आशीर्वाद है, इसलिए मैं यहां बैठा हूं।''
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, दो बार उपमुख्यमंत्री और अब मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया।
निजी निवेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को पिछले एक साल में 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है और अगले एक वर्ष में यह आंकड़ा बढ़कर पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ''पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में मुझे वित्त विभाग संभालने का अवसर मिला था। लोगों को शायद जानकारी नहीं होगी कि राज्य को पिछले एक साल में 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिल चुका है। अगले एक वर्ष में हमें पांच लाख करोड़ रुपये तक निवेश मिलने की उम्मीद है।''
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, ''जो लोग अपनी ही बहनों का सम्मान नहीं कर सकते, उनसे दूसरों का सम्मान करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती।''
इसे तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य के बीच हालिया विवाद पर परोक्ष टिप्पणी माना जा रहा है।
सम्राट चौधरी ने कहा, ''यदि आप व्यक्तिगत हमले करेंगे, तो उसी भाषा में जवाब मिलेगा।''
सम्राट ने कहा, ''लालू जी बड़े नेता हैं, इसमें कोई संदेह नहीं लेकिन उन्होंने हमेशा केवल अपने लिए जीवन जिया और यही उनके पतन का कारण बना।''
उन्होंने दावा किया, ''लालू प्रसाद यादव पहली बार भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आशीर्वाद से ही मुख्यमंत्री बने थे।''
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनके पिता शकुनि चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे, जो जनता दल (यूनाइटेड) का पूर्व स्वरूप थी।
उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार नहीं होते तो लालू प्रसाद कभी बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बनते।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''सरकार को स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभी बहुत काम करना है। ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे लोगों को जिला स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सके। साथ ही 208 डिग्री कॉलेज को शीघ्र चालू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।''
उन्होंने कहा कि बिहार में हवाई अड्डों के निर्माण और विकास का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
इससे पहले, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, ''विपक्ष को सबसे अधिक परेशानी इस बात से है कि सरकार लगातार बन रही है, जबकि उनकी सरकार नहीं बन पा रही।''
उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना ही राजनीति का सबसे बड़ा आधार होता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता के शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद उसे अगली पीढ़ी को सौंपना आसान नहीं होता और बिहार ने ऐसा उदाहरण देखा है, जहां नेतृत्व ने स्वयं आगे बढ़कर नयी पीढ़ी को अवसर दिया।
परोक्ष रूप से विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ''कुछ लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।''
उन्होंने महिलाओं की भागीदारी का मुद्दा उठाते हुए कहा, ''महिलाओं को आगे बढ़ने से रोका नहीं जाना चाहिए तथा समाज और राजनीति दोनों में उनकी भूमिका मजबूत होनी चाहिए। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए जो योजनाएं शुरू कीं, वे देश में नजीर बन गई हैं।''
उन्होंने कहा कि अपने काम लोगों को याद रहते हैं, लेकिन दूसरों के काम को भुला दिया जाता है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चर्चा के दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति को प्रमुख मुद्दा बनाया।
उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार आज भी देश के सबसे गरीब राज्यों में गिना जाता है।
तेजस्वी ने कहा कि जब सरकारी खजाना खाली रहेगा तो विकास कार्यों की गति कैसे बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से आर्थिक मोर्चे पर ठोस कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद के कार्यकाल में वित्तीय प्रबंधन बेहतर था और राज्य अधिशेष की स्थिति में रहता था।
अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी यादव ने सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विपक्ष की संख्या भले कम हो, लेकिन संवाद आवश्यक है। उन्होंने सरकार से विपक्ष को साथ लेकर चलने का आग्रह किया।
तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण में अन्य पिछड़ा वर्ग को शामिल करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सभी दलों के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलवाया जाए, ताकि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में प्रयास तेज किए जा सकें।
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार के खजाने में पर्याप्त राशि है।
भाषा कैलाश
मनीषा खारी
खारी
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