कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अपना खाता भी नहीं खोल पायेगी : शाह
नरेश
- 22 Apr 2026, 07:05 PM
- Updated: 07:05 PM
(फोटो के साथ)
कोलकाता, 22 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राहुल गांधी की पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पायेगी और ममता बनर्जी का इस पार्टी से जुड़ाव उनके राजनीतिक पतन को और तेज करेगा।
शाह ने दम दम इलाके में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल में भाजपा के कई प्रमुख चुनावी मुद्दों को एक साथ जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने घुसपैठ, महिलाओं की सुरक्षा, 'सिंडिकेट राज', वंशवादी राजनीति और बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों को उठाया और इस मुकाबले को तृणमूल कांग्रेस की ''आतंक की राजनीति'' को समाप्त करने के लिए एक निर्णायक लड़ाई के रूप में पेश किया।
उन्होंने कहा, ''मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में कांग्रेस दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पायेगी। पश्चिम बंगाल में तो आप अपना खाता भी नहीं खोल पाएंगे और असम में कांग्रेस को अब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा।''
कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए, शाह ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर राहुल गांधी के प्रभाव में आकर राजनीतिक संवाद का स्तर गिराने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''आतंकवाद का खात्मा करने वाले नरेन्द्र मोदी जी को खरगे जी आतंकवादी कह रहे हैं। राहुल गांधी के साथ रहने से खरगे जी की भाषा भी बिगड़ने लगी है। राहुल गांधी, ध्यान से सुनो... आप मोदी जी को जितने अधिक अपशब्द कहेंगे, आप जितना अधिक कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही अधिक शान से खिलेगा।''
बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, ''ममता दीदी, आप इसी कांग्रेस के साथ बैठी हैं। आपकी स्थिति भी बदतर होने वाली है।''
शाह ने तृणमूल कांग्रेस के इस आरोप का भी खंडन किया कि बंगाल में सत्ता में आने पर भाजपा किसी ''बाहरी'' व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना देगी।
उन्होंने कहा, ''ममता दीदी यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही हैं कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री के रूप में किसी बाहरी व्यक्ति को चुना जायेगा। मुख्यमंत्री बंगाल का ही कोई व्यक्ति होगा। हालांकि, वह ममता जी का भतीजा नहीं, बल्कि भाजपा का मुख्यमंत्री होगा।''
शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा ''कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो बंगाल में पैदा हुआ हो, बांग्ला भाषा बोलता हो, बांग्ला माध्यम के स्कूल में शिक्षित हो और भाजपा का नेता हो''।
उन्होंने आरोप लगाया, ''अब ममता दीदी को हटाने का समय आ गया है, जो 'मां, माटी, मानुष' के नारे के साथ सत्ता में आईं लेकिन बंगाल को 'गुंडों' के भरोसे छोड़ दिया। अब उनका (ममता बनर्जी) एकमात्र लक्ष्य अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाना है।''
उन्होंने विकास के वादे के साथ-साथ औद्योगिक गिरावट और कथित ''सिंडिकेट राज'' को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ''ममता दीदी की वजह से औद्योगिक इकाइयां बंगाल से बाहर जा रही हैं, लेकिन भाजपा की वजह से गुंडे बंगाल से भाग जाएंगे।''
शाह ने भाजपा के प्रमुख मुद्दों में से एक महिलाओं की सुरक्षा पर भी फिर से जोर दिया। उन्होंने कहा, ''ममता दीदी बेशर्मी से कहती हैं, महिलाओं को शाम सात बजे के बाद बाहर क्यों निकलना चाहिए? मैं वादा करता हूं कि पांच मई के बाद… हम बंगाल की माताओं, बहनों और बेटियों को भय से मुक्त कराने के लिए काम करेंगे।''
कई निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा द्वारा हिंदू मतों को एकजुट करने के बढ़ते प्रयासों के मद्देनजर, शाह ने राम मंदिर का मुद्दा भी उठाया और इसे तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता हुमायूं कबीर द्वारा की गई टिप्पणियों से जोड़ा।
शाह ने कहा, ''अयोध्या में, जहां कभी बाबरी मस्जिद हुआ करती थी, मोदी जी ने राम मंदिर का निर्माण कराया और 'जय श्री राम' का नारा लगाया। और ममता दीदी चाहती हैं कि हुमायूं कबीर बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण करें।''
उन्होंने कहा, ''मैं यह स्पष्ट रूप से कह रहा हूं: ममता दीदी, आप चाहे जितनी कोशिश कर लें, भाजपा बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देगी।''
शाह ने बनर्जी और कांग्रेस पर महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''क्या महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए या नहीं? ममता दीदी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन में महिला आरक्षण का विरोध किया है और माताओं तथा बहनों को लोकसभा और विधानसभाओं में आने से रोका है।''
घुसपैठ को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाने की कोशिश करते हुए, शाह ने मतदाताओं से न केवल विधायकों को चुनने या सरकार बनाने के लिए, बल्कि पश्चिम बंगाल को बदलने के लिए भाजपा का समर्थन करने का आग्रह किया।
शाह ने कहा, ''किसी विधायक को चुनने या केवल भाजपा सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि घुसपैठियों से मुक्त बंगाल बनाने के लिए अपना मत डालें। चार मई को मतगणना होगी और बंगाल के लोग दीदी (ममता बनर्जी) को 'टाटा बाय-बाय' कह देंगे।''
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीट के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को होगी।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश
2204 1905 कोलकाता