राजस्थान: उद्धाटन से पहले पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित
जितेंद्र
- 21 Apr 2026, 12:35 AM
- Updated: 12:35 AM
जयपुर, 20 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के बालोतरा जिले की उस पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई, जिसका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को उद्घाटन करने वाले थे।
अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि आग रिफाइनरी की 'क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट' खंड में लगी।
अधिकारियों के मुताबिक, अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई लेकिन किसी के हताहत होने का समाचार नहीं है हालांकि आग पर लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया।
उन्होंने बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'एक्स' पर कहा, "पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों और रिफाइनरी प्रबंधन से त्वरित वार्ता कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली है। वर्तमान में स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है।"
उन्होंने कहा, "सुरक्षा मानकों को सर्वोपरि रखते हुए प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा फिलहाल स्थगित किया गया है। इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रदेशवासियों के आशा की प्रतीक इस रिफाइनरी का भव्य उद्घाटन शीघ्र ही प्रधानमंत्री के कर-कमलों द्वारा संपन्न होगा।
इससे पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा, "आज एचआरआरएल रिफाइनरी के 'क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट' में आग की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण प्रधानमंत्री का 21 अप्रैल का निर्धारित उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि उद्घाटन की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर की स्थापना 79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से की गई है।
यह ऐतिहासिक परियोजना भारत के ऊर्जा और पेट्रोरसायन क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
यह 90 लाख टन सालाना क्षमता वाली रिफाइनरी एवं पेट्रोरसायन परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित की गई है।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना को "अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
उन्होंने कहा, "रिफाइनरी के उद्घाटन से महज 24 घंटे से भी कम समय पहले हुआ यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या रिफाइनरी की पूर्ण तैयारी के बिना ही उद्घाटन की तारीख तय की गई, जिससे मची जल्दबाजी में ऐसा हादसा हुआ?"
गहलोत ने कहा, "इस हादसे से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत पुनः अटक गई है एवं इससे लाभान्वित होने का प्रदेश का इंतजार और बढ़ गया है।"
उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार को इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कर इस हादसे की वजह पता करनी चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने इसे "गंभीर और चिंताजनक" करार दिया और राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कार्यक्रम की तैयारियों में जल्दबाजी की।
अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
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