धर्म पर टिप्पणी से लेकर अनुचित स्पर्श तक टीसीएस की महिला इंजीनियर ने बयां किया उत्पीड़न का खौफनाक सच
दिलीप
- 20 Apr 2026, 06:09 PM
- Updated: 06:09 PM
(अविनाश चतुर्वेदी)
मुंबई, 20 अप्रैल (भाषा) हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी से लेकर प्रशिक्षण सत्रों के दौरान टीम लीडर द्वारा अनुचित स्पर्श तक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक इकाई की एक महिला इंजीनियर ने कथित उत्पीड़न और धार्मिक जबरदस्ती की पूरी आपबीती बयां की है।
नौ प्राथमिकियों में से एक का हिस्सा रहे इस खौफनाक बयान में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके उत्पीड़कों ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा को "बुर्का न पहनने का परिणाम" बताकर सही ठहराया और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में भी अपमानजनक टिप्पणी की।
अधिकारियों ने बताया कि नासिक पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला परिचालन प्रबंधक भी शामिल है। टीसीएस कार्यालय में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने नौ प्राथमिकी दर्ज की हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नासिक पुलिस ने एक अन्य आरोपी निदा खान का पता लगाने के लिए तीन टीम बनाई हैं।
इन टीम को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है, जिनमें से एक दल ठाणे के पास मुंब्रा पहुंचा है।
इस बीच, खान ने नासिक सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि जून 2025 से मार्च 2026 के बीच पांच आरोपियों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, उसका पीछा (स्टॉकिंग) किया और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
शिकायत के अनुसार, एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और यहां तक कहा कि "बलात्कार इसलिए होते हैं, क्योंकि महिलाएं बुर्का नहीं पहनतीं।"
महिला कर्मचारी का दावा है कि उसके टीम लीडर ने औपचारिक प्रशिक्षण के बहाने उसे गलत तरीके से छुआ और गुड़ी पाड़वा उत्सव के दौरान कार्यालय की पैंट्री में एक अन्य आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की।
उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके वैवाहिक जीवन के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
पीड़िता के अनुसार, उत्पीड़न केवल कार्यस्थल तक सीमित नहीं था। पीडि़ता के मुताबिक, आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भी उसका पीछा (स्टॉकिंग) किया और उसे परेशान किया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि सोशल मीडिया मंचों पर आरोपियों को ब्लॉक करने के बावजूद उनका पीछा करना बंद नहीं हुआ, जिसके कारण अंततः उसे कानूनी मदद लेनी पड़ी।
टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि उसने लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपना रखी है, और नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित तौर पर शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
कंपनी ने शुक्रवार को कहा था कि रिकॉर्ड की प्रारंभिक समीक्षा से संकेत मिलता है कि उसे अपनी आचार संहिता या 'पॉश' (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर इस तरह की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।
देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक पर्यवेक्षण समिति और बाहरी संस्थाओं की मदद लेने की भी घोषणा की है।
भाषा सुमित दिलीप
दिलीप
2004 1809 मुंबई