तृणमूल विधायक की ओर से घोषित संपत्ति में आयकर विभाग को 'विसंगतियां' मिलीं: सूत्र
नरेश
- 19 Apr 2026, 09:54 PM
- Updated: 09:54 PM
नयी दिल्ली/ कोलकाता, 19 अप्रैल (भाषा)आयकर विभाग को पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के निवर्तमान विधायक देबाशीष कुमार के आवास पर की गई छापेमारी के दौरान जब्त की गई संपत्तियों और विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे में घोषित संपत्तियों में ''विसंगतियां'' पाई गई हैं। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल की रासबिहारी सीट से तृणमूल के उम्मीदवार की और उनसे जुड़ी संपत्तियों की जानकारी निर्वाचन आयोग (ईसी) और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को भेजी है।
राज्य में चुनाव के दूसरे चरण के दौरान 29 अप्रैल को रासबिहारी विधानसभा सीट पर मतदान होगा।
आयकर विभाग ने 17 अप्रैल को कुमार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भावानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवारी के प्रस्तावक मिराज शाह, कुमार के करीबी सहयोगी कुमार साहा के घर और कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर 'अघोषित' धन अर्जित करने में उनकी संलिप्तता के आरोप में छापा मारा था।
सूत्रों ने आयकर विभाग की जांच रिपोर्ट और जब्ती पंचनामे के हवाले से बताया कि कुमार की पत्नी देवजानी कुमार द्वारा आयकर रिटर्न (2021-22 से 2024-25) में घोषित सकल आय, उनके पति द्वारा 2021 के चुनाव शपथ पत्र में घोषित 99.68 लाख रुपये से अधिक की देनदारियों में कमी में विसंगति है।
आयकर विभाग के अधिकारियों ने पाया कि कुमार ने अपने नवीनतम चुनावी हलफनामे में अपनी पत्नी के नाम पर 'शून्य' देनदारी बताई थी।
सूत्रों ने दावा किया कि आयकर अधिकारियों ने हाल में विधायक के आवास में तलाशी के दौरान 1.75 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे और बहुमूल्य धातु जब्त कीं।
अधिकारियों ने उनसे अपने परिवार के सदस्यों से इन कीमती वस्तुओं के स्वामित्व के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
सूत्रों ने बताया कि कुमार ने (2026 के चुनाव हलफनामे में) उनके और पत्नी के पास करीब 36 लाख रुपये मूल्य का 278 ग्राम सोना और करीब 2.5 लाख रुपये की चांदी होने की घोषणा की है।
आयकर विभाग को इन दोनों आंकड़ों में 'विसंगति' का संदेह है क्योंकि उसका दावा है कि कुमार ने अपने हलफनामे में हीरे के आभूषणों और सोने (जो उनके परिसर से जब्त किए गए थे) की कोई घोषणा नहीं की थी। इसके अलावा उनके परिसर में पाए गए सोने के वजन और हलफनामे में उल्लिखित वजन में भी अंतर है।
विभाग ने तृणमूल विधायक से 2021 के चुनावी हलफनामे के मुकाबले अब में 1.65 करोड़ रुपये की संपत्ति में वृद्धि के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा है।
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग उनके सहयोगियों (जिनके यहां छापेमारी की गई थी) और दीपक हीरावत, सुतानु महंती, शेख रियाजुद्दीन और मोहम्मद आज़म जैसे अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है, जिन पर कथित तौर पर 'नकद' धन के लेन-देन और 'अघोषित' निवेश करने में उनकी सहायता करने का आरोप है।
सूत्रों ने बताया कि मिराज शाह सहित कुछ अन्य लोग भी आयकर अधिकारियों की जांच के दायरे में हैं, जिन्होंने कुमार को भवानीपुर एजुकेशनल सोसाइटी और एनएसएचएम नॉलेज कैंपस जैसे शैक्षणिक संस्थानों में 'हिस्सेदारी' हासिल करने में मदद की थी।
भाषा धीरज नरेश
नरेश
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