पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी बांग्लादेश में हो सकते हैं भारत के नए उच्चायुक्त
नरेश
- 19 Apr 2026, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा)पश्चिम बंगाल के अनुभवी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया जा सकता है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त का पद सितंबर 2022 से प्रणय वर्मा संभाल रहे हैं और 10 अप्रैल को उन्हें बेल्जियम और यूरोपीय संघ के अगले राजदूत के रूप में नामित किया गया है।
माना जा रहा है कि फरवरी में बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में नई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी)की सरकार बनने के बाद द्विपक्षीय संबंधों को फिर से स्थापित करने के प्रयासों के तहत भारत ढाका में महत्वपूर्ण राजनयिक पद पर किसी राजनीतिक हस्ती को नियुक्त करने पर विचार कर रहा है।
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास आ गई थी।
त्रिवेदी (75) संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में रेल मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री थे। वह पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए चुने गए थे और राज्य के बैरकपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य भी रहे चुके हैं।
त्रिवेदी ने फरवरी 2021 में तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी और केंद्र में इस समय सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
सूत्रों ने बताया कि त्रिवेदी को उनके व्यापक अनुभव के मद्देनजर ढाका में उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किए जाने की संभावना है। हालांकि, इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
इससे पहले बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त की जिम्मेदारी निभा रहे वर्मा 1994 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी हैं और उन्होंने 21 सितंबर, 2022 को ढाका में उच्चायुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान, प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर के साथ, इस महीने की शुरुआत में भारत की यात्रा पर आए थे। बांग्लादेश की नई सरकार के किसी वरिष्ठ सदस्य की यह भारत की पहली उच्च स्तरीय यात्रा थी।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बातचीत के दौरान अपने बांग्लादेशी समकक्ष को ढाका में नई सरकार के साथ 'रचनात्मक' रूप से जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की इच्छा से अवगत कराया।
जयशंकर और रहमान ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान देखे गए 18 महीनों से अधिक के राजनयिक तनाव को पीछे छोड़ते हुए सहयोग का एक नया मार्ग प्रशस्त करने के तौर तरीकों पर मंथन किया।
भाषा धीरज नरेश
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