टीसीएस मामले में आरोपी ने अपनी शादी की बात छिपाई, धर्मांतरण का दबाव डाला: शिकायतकर्ता
नेत्रपाल
- 19 Apr 2026, 12:00 AM
- Updated: 12:00 AM
(अविनाश चतुर्वेदी)
नासिक, 18 अप्रैल (भाषा) टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की स्थानीय इकाई में कथित यौन उत्पीड़न मामले की पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि आरोपियों में से एक ने उसका यौन उत्पीड़न किया, अपनी शादी की बात छिपाई और कार्यस्थल पर उसके धर्म का अपमान किया, साथ ही उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को इस संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को ''व्यापक जांच'' के निर्देश दिए।
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब पुलिस ने सह-आरोपी रजा मेमन (35) और शफी शेख (36) की हिरासत अवधि बढ़ाने की अनुमति प्राप्त कर ली है।
टीसीएस की नासिक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के मामले सामने आने के बाद नासिक पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और नौ प्राथमिकी दर्ज करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों में शामिल महिला कर्मचारी निदा खान ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
वहीं, एक महिला पीड़िता की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, उसकी मुलाकात आरोपियों में से एक से चार साल पहले हुई थी, जिसने उसी कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी और दोनों दोस्त बन गए थे।
उसने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे टीसीएस में नौकरी दिलाने में मदद करने का वादा किया था।
इस बीच, महिला ने टीसीएस में नौकरी शुरू कर दी, जहां आरोपी भी काम करता था। महिला ने कहा कि अगस्त 2024 में आरोपी ने एक रिसॉर्ट में उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि फरवरी 2026 में, जब आरोपी की पत्नी ने उससे संपर्क किया, तब उसे पता चला कि आरोपी शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।
जब शिकायतकर्ता ने उससे इस बारे में पूछा, तो आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसका उससे शादी करने का कोई इरादा नहीं था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी, अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ अक्सर कंपनी की कैंटीन में उससे मिलता था, और तीनों अक्सर हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते थे। दोनों सहयोगियों को प्राथमिकी में सह-आरोपी के रूप में नामित किया गया है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने यह दावा करते हुए उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव भी डाला कि यह (इस्लाम) एक श्रेष्ठ धर्म है।
पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।
देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी ने अपनी आंतरिक जांच में एक निगरानी पैनल और बाहरी संस्थाओं की भागीदारी की घोषणा की है।
टीसीएस ने स्पष्ट किया कि खान एचआर मैनेजर नहीं थी।
अपराध शाखा की एक टीम फिलहाल निदा खान का पता लगाने के लिए ठाणे जिले के मुंब्रा में तैनात है।
इस बीच, मुख्यमंत्री फडणवीस ने टीसीएस मामले सहित कुछ प्रमुख जांचों की समीक्षा के लिए गृह विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''धर्मांतरण जैसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सभी संभावित पहलुओं और कोणों की जांच करें, कोई भी छूटना नहीं चाहिए।''
भाषा
प्रचेता नेत्रपाल
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