कांग्रेस व उसके सहयोगियों ने आरक्षण विधेयक का विरोध कर 'भ्रूण हत्या का पाप' किया: मोदी
नेत्रपाल
- 18 Apr 2026, 11:53 PM
- Updated: 11:53 PM
नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों को चेताया कि लोकसभा व राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण संबंधी संशोधन का विरोध करके उसने जो ''भ्रूण हत्या का पाप'' किया है, उसके लिए भारत की महिलाएं उन्हें सजा जरूर देंगी।
देश को संबोधित करते हुए मोदी ने महिलाओं से माफी मांगी और कहा कि सरकार भले ही विधेयक पारित न करा पाई हो लेकिन वह महिलाओं को सशक्त बनाने के अपने प्रयासों को कभी नहीं छोड़ेगी।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।
इस घटनाक्रम के एक दिन बाद मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, ''भले ही, विधेयक पारित कराने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिले हों, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 प्रतिशत नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।''
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद संसद में महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक को पारित न होने देकर महिलाओं के सपनों को ''निर्दयतापूर्वक कुचल'' दिया है।
मोदी ने कहा, ''मैं देश की सभी महिलाओं से क्षमा मांगता हूं।''
उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार महिला आरक्षण को लागू करने और महिलाओं के सशक्तीकरण के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेगी।
मोदी ने अपने 30 मिनट के भाषण में आरोप लगाया कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की ''स्वार्थी राजनीति का नुकसान'' देश के नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध करने वाले विपक्षी दल महिला शक्ति को हल्के में ले रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया है। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया।''
मोदी ने कहा कि भारत की महिलाओं ने देखा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम जैसे दल देश की महिला शक्ति के खिलाफ अपनी स्वार्थ की राजनीति का जश्न कैसे मना रहे थे।
उन्होंने दावा किया, ''उनका असली चेहरा सामने आ गया है।''
मोदी ने आरोप लगाया, ''कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, तृणमूल, समाजवादी पार्टी, द्रमुक जैसे दल, इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''ये देश के संविधान के अपराधी हैं, ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है।''
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अक्सर देश में विभाजनकारी बातों को हवा दी है और यह झूठ फैलाया है कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा।
हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी राज्य का हिस्सा कम नहीं किया जाएगा और सीट में आनुपातिक वृद्धि की जाएगी।
उन्होंने कहा, ''तब भी कांग्रेस ने द्रमुक, तृणमूल और सपा के साथ मिलकर इसे मानने से इनकार कर दिया।''
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में आवश्यक सुधारों के बारे में हमेशा झूठी बातें फैलाईं और हर फैसले में देरी की।
उन्होंने कहा, ''आज देश के सामने जितनी भी बड़ी चुनौतियां हैं, वो कांग्रेस के इसी रवैये से उपजी हुई हैं। देश की सभी बहनें-बेटियां, कांग्रेस और उसके सहयोगियों की इस मानसकिता को करारा जवाब देकर रहेगी।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है, इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है, अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें।''
उन्होंने कहा, ''द्रमुक पास मौका था कि वो और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद, विधायक बना सकती थी, तमिलनाडु की आवाज और मजबूत कर सकती थी, लेकिन उसने वो मौका खो दिया।''
मोदी ने कहा कि तृणमूल के पास भी पश्चिम बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था, लेकिन उसने भी ये मौका गवां दिया।
उन्होंने कहा, ''नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की हर राज्य की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। राज्य छोटा हो, राज्य बड़ा हो, राज्य की आबादी कम हो या राज्य की आबादी ज्यादा हो।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल यह भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की महिलाएं देश की हर घटना पर नजर रख रही हैं, वे विपक्ष के इरादों को भांप रही हैं और सच्चाई से भी पूरी तरह वाकिफ हैं।
इसलिए, उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध करके जो ''पाप'' किया है, उसके लिए उन्हें निश्चित रूप से दंड मिलेगा।
उन्होंने कहा, ''एक नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती, इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोग के उन सबके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। कल संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा, ये लोग नारी शक्ति को 'फॉर ग्रांटेड' (हल्के में) ले रहे हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तो कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल, सपा, जैसी परिवारवादी पार्टियां, खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छिनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे।''
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के अधिकांश हिस्सों में अपना आधार खो दिया है और क्षेत्रीय दलों के समर्थन से ही जीवित है, फिर भी वह इन क्षेत्रीय ताकतों को मजबूत नहीं होने देना चाहती है।
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस ने इस संशोधन का विरोध करवारकर अनेक क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलना का राजनीतिक षड्यंत्र किया है।''
मोदी ने कहा कि 40 वर्षों से लंबित यह संशोधन उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से यह अधिकार दिलाने के बारे में है।
उन्होंने कहा, ''नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञन था। देश की 50 प्रतिशत यानी आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नियत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विधेयक का विरोध करके कांग्रेस ने खुद को ''सुधार विरोधी दल'' साबित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसने प्रधानमंत्री जन धन योजना, आधार कार्ड, डिजिटल भुगतान और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का विरोध किया था।
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस ने, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का विरोध किया। कांग्रेस ने, तीन तलाक के विरुद्ध कानून का विरोध किया। कांग्रेस ने, अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध किया। हमारा संविधान, हमारे कोर्ट जिस समान नागरिक संहिता, समान नागरिक आचार संहिता को, यूसीसी को जरूरी बताते हैं, कांग्रेस उसका भी विरोध करती है।''
मोदी ने कहा, ''ये लड़ाई, कांग्रेस की उस एंटी-रिफॉर्म मानसिकता के साथ है, जिसमें सिर्फ नेगेटिविटी है, नकारात्मकता है।''
उन्होंने कहा, ''मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है, कि देश की सभी बहनें-बेटियां, कांग्रेस की इस मानसकिता को करारा जवाब देकर रहेगी।''
मोदी ने कहा, ''मैंने संसद में कहा था कि आधी आबादी को उनका उचित हिस्सा दिया जाए, और इसके लिए मैं विपक्ष को श्रेय देता हूं। फिर भी, जो लोग महिलाओं को प्रतिगामी नजरिए से देखते हैं, वे अपनी स्थिति पर अड़े रहे और उससे आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जानते हैं कि "देश की माताएं, बहनें, बेटियां आज दुखी हैं।"
उन्होंने कहा, ''मैं भी आपके इस दुःख में दुःखी हूं। मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे, हटाकर के रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है, हमारी हिम्मत भी अटूट है और हमारा इरादा भी अडिग है। ''
भाषा खारी नेत्रपाल
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