भाजपा का मतलब है हिरासत, तृणमूल का मतलब है तनाव से मुक्ति: अभिषेक बनर्जी
माधव
- 13 Apr 2026, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
(फोटो सहित)
कोलकाता, 13 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां "हिरासत और नुकसान" को बढ़ावा देती हैं, जबकि उनकी पार्टी "सुरक्षा और कल्याण" के लिए खड़ी है।
बनर्जी ने भाजपा पर मतदाताओं में भय पैदा करने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसी कवायद के माध्यम से उन्हें उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने नदिया जिले के करीमपुर और राणाघाट तथा उत्तर 24 परगना जिले के बदुरिया में चुनावी रैलियां कीं।
उन्होंने करीमपुर में चुनावी रैली में कहा, "लोगों को कतारों में खड़ा किया गया और उनके मतदान के अधिकार छीन लिए गए। इसका जवाब वोटों के माध्यम से ही दिया जाना चाहिए।"
बनर्जी ने कहा, "मतुआ, नामाशुद्र और अन्य पिछड़े वर्ग के मतदाताओं सहित हाशिए पर रहने वाले समुदायों का बड़ा हिस्सा वैध दस्तावेज होने के बावजूद एसआईआर से काफी प्रभावित हुआ है। भाजपा का मतलब है हिरासत, और तृणमूल कांग्रेस का मतलब है कोई तनाव नहीं।"
उन्होंने दावा किया कि अब कुछ भाजपा समर्थकों को भी "उनके अधिकारों से वंचित" किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे भयभीत न हों और उन्हें आश्वासन दिया कि तृणमूल के सत्ता में लौटने के बाद उनके मतदान के अधिकार बहाल कर दिए जाएंगे।
तृणमूल नेता ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए उन्हें "बाहरी" बताया, जो राज्य की संस्कृति और मूल्यों को समझे बिना चुनाव प्रचार के लिए यहां आते हैं। उन्होंने कहा, ''हम क्या खाएंगे, क्या पहनेंगे और कैसे रहेंगे, यह बंगाल के लोग तय करेंगे, बाहरी लोग नहीं।''
राणाघाट में एक रैली को संबोधित करते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की "डबल इंजन वाली सरकार" ने चुनाव जीतने के बाद मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया, और दावा किया कि लोगों को बाद में "बांग्लादेशी" करार दिया गया।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मुद्दा उठाते हुए, बनर्जी ने भाजपा नीत केंद्र सरकार से भारत में उनके "पासपोर्ट या वीजा के बिना" रहने पर सवाल उठाया।
उन्होंने लोगों को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने के खिलाफ भी आगाह किया और आरोप लगाया कि ऐसे फॉर्म भरना खुद को "विदेशी" घोषित करने के बराबर होगा।
बदुरिया में, बनर्जी ने आरोप लगाया कि बोलपुर में एक बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रवींद्र संगीत (रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित गीत) शब्द का सही उच्चारण भी नहीं कर सके।
उन्होंने कहा, ''वे बांग्ला संस्कृति से प्रेम करने का दावा करते हैं और कहते हैं कि उसे भली-भांति जानते हैं, लेकिन शाह ने रवींद्रनाथ टैगोर के रवींद्र संगीत को रवि शंकर के साथ जोड़कर लाखों टैगोर प्रेमियों और कला प्रेमियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। उनकी ही पार्टी के एक अन्य नेता ने रवींद्रनाथ टैगोर का नाम रवींद्रनाथ सान्याल बोल दिया।''
बनर्जी ने एआईएमआईएम, आईएसएफ और हुमायूं कबीर की एजेयूपी को भाजपा की 'बी' टीम बताया, जो ''तृणमूल के वोटों को बांटने के लिए बनाई गई हैं," लेकिन जोर दिया कि जनता इस 'साजिश' को नाकाम कर देगी।
भाषा आशीष माधव
माधव
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