पोप लियो ने ईरान युद्ध संबंधी अपने शांति संदेश की आलोचना के बाद ट्रंप पर पलटवार किया
प्रशांत
- 13 Apr 2026, 06:21 PM
- Updated: 06:21 PM
वाशिंगटन, 13 अप्रैल (एपी) पोप लियो चौदहवें ने ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध संबंधी अपने शांति संदेश की अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा की गई आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि वेटिकन की शांति और सुलह की अपील 'बाइबिल के पवित्र उपदेशों' में निहित है, और वह डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से नहीं डरते।
अल्जीरिया जा रहे लियो ने पापल विमान में एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि उन्हें लगता है कि ट्रंप द्वारा की गई आलोचना 'बाइबिल के पवित्र उपदेशों' को न समझने की वजह से है। पापल विमान पोप की यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला विमान है।
उन्होंने कहा, ''मुझे यह सुनकर बहुत दुख हुआ, लेकिन मैं उस कार्य को जारी रखूंगा जिसे मैं आज दुनिया में चर्च का मिशन मानता हूं।''
अमेरिकी मूल के पहले पोप ने इस बात पर जोर दिया कि शांति के लिए सामान्य अपील और विश्व में ईरान तथा अन्य जगहों पर युद्ध को बढ़ावा देकर ''सर्वाधिक शक्तिशाली होने के भ्रम'' की निंदा करके उन्होंने ट्रंप या किसी अन्य पर सीधा हमला नहीं किया है।
पोप ने अन्य पत्रकारों से कहा, ''मुझे ट्रंप प्रशासन का कोई डर नहीं है।''
ट्रंप ने रविवार रात लियो पर असाधारण हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिकी मूल के कैथोलिक चर्च के वैश्विक नेता ''बहुत अच्छा काम कर रहे हैं'' और "वह एक बहुत उदार व्यक्ति हैं''। उन्होंने यह भी कहा कि पोप को ''कट्टरपंथी वामपंथियों को खुश करना बंद कर देना चाहिए''।
फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटते समय ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर लियो की आलोचना की, और फिर विमान से उतरने के बाद भी हवाई अड्डे पर पत्रकारों के साथ बातचीत में इसे जारी रखा।
उन्होंने कहा, ''मैं पोप लियो का प्रशंसक नहीं हूं।''
ट्रंप की यह टिप्पणी लियो द्वारा सप्ताहांत यह कहे जाने के बाद आई कि ''सर्वाधिक शक्तिशाली होने का भ्रम'' ईरान में अमेरिका-इजराइल युद्ध को हवा दे रहा है।
राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, ''पोप लियो अपराध के मुद्दे पर कमजोर हैं और विदेश नीति के लिए बेहद खराब हैं।'' उन्होंने कहा, ''मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो यह सोचता हो कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है।''
यह सब तब हुआ जब लियो ने शनिवार को सेंट पीटर बेसिलिका में शाम की प्रार्थना सभा की अध्यक्षता की। उसी दिन अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम के दौरान पाकिस्तान में आमने-सामने की बातचीत शुरू की थी।
पोप ने अमेरिका या ट्रंप का नाम नहीं लिया था, लेकिन उनका लहजा और संदेश ट्रंप और अमेरिकी अधिकारियों की ओर निर्देशित प्रतीत हुआ, जो अमेरिकी सैन्य श्रेष्ठता का दावा करते रहे हैं।
लियो सोमवार से शुरू हुई अफ्रीका की 11 दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने पूर्व में कहा था कि भगवान ''युद्ध करने वालों की प्रार्थना नहीं सुनते, बल्कि उन्हें अस्वीकार कर देते हैं।''
युद्धविराम से पहले, जब ट्रंप ने ईरानी बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमलों की चेतावनी दी थी और कहा था कि ''आज रात एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी'', तो लियो ने कहा था कि इस तरह की सोच ''वास्तव में अस्वीकार्य'' है।
एपी नेत्रपाल प्रशांत
प्रशांत
1304 1821 वाशिंगटन