महाराष्ट्र: अशोक खरात के खिलाफ धन शोधन मामले में ईडी की छापेमारी
प्रशांत
- 13 Apr 2026, 04:58 PM
- Updated: 04:58 PM
मुंबई/दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) धन शोधन की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को 'स्वयंभू बाबा' अशोक खरात और उससे जुड़े परिसरों पर महाराष्ट्र के कई शहरों में छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि खरात के गृह नगर नासिक में स्थित पांच परिसर और पुणे और शिरडी के तीन-तीन परिसर पर छापेमारी की गई है।
खरात, उनके सनदी लेखाकार (सीए) प्रकाश पोफले, खरात के रिश्तेदारों और सहकारी ऋण समितियों की कुछ शाखाओं से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसर की जांच की जा रही है।
ईडी ने खरात के विरुद्ध नासिक पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर छह अप्रैल को उसके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था।
नासिक पुलिस ने खरात के खिलाफ कई महिला पीड़ितों से जबरन वसूली, धर्म की आड़ में छल-कपट और नशीले पदार्थ देकर हमला (यौन शोषण) के आरोप में मामला दर्ज किया था।
संघीय एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि वे विशेष रूप से इस बात के सबूत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या खरात और उसके साथियों ने निजी लाभ के लिए अवैध धन का शोधन किया था।
महाराष्ट्र सरकार ने 'स्वयंभू बाबा एवं ज्योतिषी' के कथित आपराधिक कृत्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस ने अब तक उसके खिलाफ लगभग एक दर्जन प्राथमिकी दर्ज की हैं।
इस विवादित व्यक्ति को मार्च में नासिक पुलिस ने तब गिरफ्तार किया था जब एक विवाहित महिला ने उस पर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था। वह वर्तमान में नासिक जेल में है।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि खरात ने नासिक जिले में स्थित दो सहकारी ऋण समितियों में तीसरे पक्ष के नाम पर कई बैंक खाते खोले थे।
अधिकारियों ने बताया कि इन बैंक खातों में उसे 'नॉमिनी' बनाया गया था और उसने इन खातों के संचालन पर नियंत्रण रखने के लिए अपना मोबाइल नंबर इन खातों से जोड़ रखा था।
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वह आम वस्तुओं को 'पवित्र वस्तुएं' बताकर बेचता था और दावा करता था कि उनमें दैवीय उपचार शक्तियां हैं।
उन्होंने बताया कि 'जबरन वसूली' के जरिए और पीड़ितों से एकत्र किया गया कथित पैसा उसने अपने सनदी लेखाकार के माध्यम से विभिन्न भूमि सौदे में निवेश किया।
पिछले कुछ हफ्तों में खरात की प्रमुख राजनेताओं के साथ तस्वीरें और महिलाओं के साथ उसके आपराधिक कृत्यों के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिससे महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
पुलिस की एसआईटी ने आरोप लगाया कि खरात ने महिलाओं से खुद के पास 'दैवीय शक्ति' होने का दावा करके उनका यौन शोषण किया और कहा कि अगर वे उसकी बात नहीं मानेंगी तो वह इसका (कथित दैवीय शक्ति का) उपयोग करके उनके परिवार के सदस्यों की हत्या करवा देगा या उन्हें बदनाम कर देगा।
भाषा संतोष प्रशांत
प्रशांत
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