भाजपा ने बिहार विधानसभा में विधायक दल का नेता चुनने के लिए शिवराज चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया
रंजन
- 12 Apr 2026, 05:38 PM
- Updated: 05:38 PM
नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को बिहार में अपने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया।
इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पार्टी ने बिहार में नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक अधिसूचना में कहा, ''भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।''
इससे पहले, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार में नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होगी।
झा पटना में पत्रकारों से बात कर रहे थे और कुछ देर पहले ही उन्होंने जदयू प्रमुख कुमार से मुलाकात की थी। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की उम्मीद है ताकि भाजपा के नेतृत्व वाली नयी सरकार का गठन हो सके।
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य झा ने कहा, ''मुझे लगता है कि यह प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होगी। लेकिन अधिक जानकारी के लिए आपको राज्य सरकार में शामिल लोगों से बात करनी चाहिए।''
झा के अलावा, मुख्यमंत्री के आवास पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू नेता तथा विधायी कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे।
चौधरी ने पत्रकारों से कहा, ''नए मुख्यमंत्री का चुनाव भाजपा की सिफारिश पर राजग के विधायकों द्वारा किया जाएगा।''
उन्होंने कहा, ''भाजपा को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। इन मामलों में उसकी अपनी प्रक्रिया है। एक बार जब वह अपनी योजना प्रस्तुत कर देगी, तो आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।''
हालांकि, सम्राट चौधरी को बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन भाजपा और जदयू दोनों ने ही इस मामले में चुप्पी साध रखी है।
भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि बिहार में राजग विधायकों की बैठक के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी, लेकिन सत्ताधारी गठबंधन की ओर से अभी इस बैठक की तिथि नहीं घोषित की गई है।
नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली जो बिहार में उनके दो दशक के शासन के अंत को दर्शाता है।
उन्होंने 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद 30 मार्च को राज्य विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
भाषा संतोष रंजन
रंजन
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