डेंटल छात्र मौत मामला: उत्पीड़न के आरोपों के बाद संकाय सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू
नरेश
- 12 Apr 2026, 05:02 PM
- Updated: 05:02 PM
कन्नूर (केरल), 12 अप्रैल (भाषा) कन्नूर डेंटल कॉलेज के प्रथम वर्ष के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने कॉलेज के कुछ संकाय सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
छात्र के माता-पिता और मित्रों द्वारा संकाय सदस्यों पर भावनात्मक उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद चक्करक्कल पुलिस ने जांच शुरू की। अभी तक पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है।
छात्र की पहचान तिरुवनंतपुरम निवासी नितिन राज आर.एल. (22) के रूप में हुई है जो यहां अंजराकांडी स्थित कॉलेज में बीडीएस प्रथम वर्ष का छात्र था।
पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल की दोपहर राज इमारत से गिरने के बाद मेडिकल कॉलेज ब्लॉक के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने एक आंतरिक जांच शुरू की और शनिवार को 'डेंटल एनाटॉमी' विभाग के प्रमुख एम. के. राम तथा एसोसिएट प्रोफेसर के. टी. संगीता नाम्बियार को निलंबित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, राज ने अपने दोस्तों को एक ऑडियो संदेश भेजकर शिक्षकों द्वारा प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उसने बताया था कि उसे परीक्षा में अंक कम देने जैसे शैक्षणिक नुकसान पहुंचाने और शारीरिक हमले की धमकियां दी जा रही थीं।
चक्करक्कल थाने के अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार साथ ही, सहपाठियों, कॉलेज प्रशासन और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
राज के पिता राजन ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को सांवले रंग और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के कारण शिक्षकों द्वारा भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
उन्होंने कहा, "मेरे बेटे ने बिना किसी सहारे, कड़ी मेहनत करके योग्यता के आधार पर कॉलेज में दाखिला पाया था, लेकिन उसे जाति और रंग के आधार पर प्रताड़ित किया गया। उसे शैक्षणिक नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं।"
राजन ने बताया कि उन्होंने संबंधित संकाय सदस्यों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है।
राज की बहन निकिता ने भी आरोप लगाया कि राज ने कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया, "उसे कई बार स्टाफ रूम में बुलाकर प्रताड़ित किया गया। एक बार कक्षा में एक संकाय सदस्य ने उसे अन्य छात्रों के सामने 'स्लम डॉग' कहकर अपमानित किया।"
संपर्क करने पर कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि दो संकाय सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है और वे पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं।
राज का शव रविवार को तिरुवनंतपुरम स्थित उनके घर लाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इस बीच, 2024 में वायनाड के सरकारी पशु चिकित्सा महाविद्यालय में कथित रैगिंग के बाद जान गंवाने वाले छात्र सिद्धार्थन जे.एस. की मां शीबा एम.आर. भी राज के घर पहुंचीं।
उन्होंने कहा कि बेटे की मौत के बाद उन्हें आस थी कि कॉलेजों में ऐसी घटनाएं नहीं दोहराई जाएंगी, लेकिन वैसी ही अन्य घटना ने एक और जान छीन ली।
उन्होंने कहा, "(संकाय सदस्यों का) ये निलंबन केवल दिखावटी हैं, क्योंकि दोषियों को बाद में बहाल कर दिया जाता है। सिद्धार्थन के मामले में भी आरोपियों को फिर से प्रवेश देने की तैयारी थी, लेकिन हमारी कानूनी लड़ाई के कारण ही वे अब तक बाहर हैं।"
इधर, घटना को लेकर सियासी प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेताओं ने विस्तृत जांच की मांग उठाई है।
कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने राज की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि छात्र के परिजनों द्वारा लगाए गए जाति और रंगभेद आधारित उत्पीड़न के आरोपों को सरकार गंभीरता से ले और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाए।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने भी राज के घर पहुंचकर मामले की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा, "संकाय सदस्यों से छात्रों का मार्गदर्शन करने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे लोग शिक्षक कैसे बन गए? इस मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद ए.ए. रहीम ने भी परिवार से मुलाकात कर घटना को बेहद पीड़ादायक बताया।
रहीम ने कहा, "माकपा न्याय मिलने तक परिवार के साथ खड़ी रहेगी। केरल जैसे समाज में ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी।"
इस बीच, केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस को मामले की विस्तृत जांच करने और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आयोग के न्यायिक सदस्य के. बैजुनाथ ने कन्नूर नगर पुलिस आयुक्त को घटना से जुड़े सभी आरोपों की जांच कर निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
भाषा
खारी नरेश
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