योगी आदित्यनाथ ने मियांपुर गांव का नाम बदलकर रवींद्र नगर करने की घोषणा की
आनन्द रवि कांत रवि कांत
- 11 Apr 2026, 09:44 PM
- Updated: 09:44 PM
लखीमपुर खीरी, 11 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसे "पापी" करार दिया और कहा कि भविष्य में वह और टुकड़ों में बंटने वाला है।
मुख्यमंत्री ने यहां मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र के मियांपुर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने इस अवसर पर बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को जमीन से संबंधित अधिकार प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने मियांपुर गांव का नाम बदलकर 'रवींद्र नगर' करने की घोषणा भी की।
उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति का सबसे बड़ा दंश हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों ने झेला है।
आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "कांग्रेस का पाप देखिए जिसने आपकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया। आप सोचो एक भी मियां नहीं, लेकिन इस गांव का नाम मियांपुर है।"
उन्होंने कहा कि गांव का नाम मियांपुर रखकर लोगों की पहचान छिपाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब इस बस्ती की पहचान रवींद्रनाथ ठाकुर के नाम पर 'रवींद्र नगर' के रूप में होगी।
पाकिस्तान पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार देश का स्वयं भी 1971 में विभाजन हुआ और आगे भी उसके और टुकड़े हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि 1947 और 1971 के विभाजन तथा उसके बाद की परिस्थितियों में विस्थापित हुए 1,000 से अधिक परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान किए गए हैं।
आदित्यनाथ ने कहा कि दशकों से जिन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला था, उन्हें अब यह अधिकार दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश से आए लोगों की संपत्तियां वहां हड़प ली गई थीं और उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब उन्हें सम्मान और अधिकार के साथ बसाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने इन लोगों को ठुकराया और उनकी जमीन व पैतृक संपत्ति पर कब्जा किया, लेकिन, त्रासदी के बाद यहां आने वालों को कांग्रेस ने भी अधिकार नहीं दिया। उनके वोट तो लिए, लेकिन मालिकाना हक कभी नहीं दिया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में बंगाल का विशेष स्थान है और इस वर्ष बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।
उन्होंने लोगों से कहा, "जिस जमीन पर आप दशकों पहले बसे थे, लेकिन जिसके मालिकाना हक आपको नहीं मिले थे, आज आपको उस जमीन का मालिकाना हक मिल गया है। जो सपने दशकों से अधूरे रहे, उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से पूरा करने के लिए मैं आपके पास आया हूं।"
योगी ने कहा कि दशकों पहले आपसे किए गए अधूरे वायदों को पूरा करने के लिए वह प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आए हैं। आपके पूर्वज बांग्लादेश में रह रहे थे, लेकिन आपको मालिकाना अधिकार पीएम मोदी के "सबका साथ-सबका विकास" संकल्प के कारण भारत में मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 का विभाजन समाज के बंटवारे का परिणाम था। जो लोग जाति, मत व संप्रदाय के आधार पर समाज को बांटते हैं, वे देश और आने वाली पीढ़ियों के साथ विश्वासघात करते हैं।
उन्होंने कहा कि विभाजन और 1971 के युद्ध के दौरान हिंदू, सिख, बौद्ध व जैन समुदायों ने ऐसी त्रासदियों का सामना किया। प्रारंभ में 1,031 परिवार यहां बसे थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 5,000 से अधिक परिवारों तक पहुंच गई है, लेकिन उन्हें अब तक उनका अधिकार नहीं मिल पाया था।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कानून पारित कराया, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध किया। ये दल हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों को अधिकार दिए जाने के पक्ष में नहीं थे, वे सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाता है, तब समाजवादी पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना का महिमामंडन करती है। ये लोग एकता के बजाय जातीय विभाजन कर समाज के ताने-बाने को कमजोर करते हैं और यह इनके सुनियोजित दृष्टिकोण का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि इसी के तहत सपा, कांग्रेस व टीएमसी ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया था। दिल्ली के शाहीन बाग में महीनों तक इस कानून के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया, लेकिन, मोदी जी हटे नहीं, डिगे नहीं।
योगी ने कहा कि गोला गोकर्णनाथ में भव्य कॉरिडोर विकसित हो रहा है, जिले में हवाई अड्डे की निर्माण की प्रक्रिया तेज है, दुधवा नेशनल पार्क पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है और बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान पर कार्य जारी है।
भाषा
आनन्द रवि कांत रवि कांत
1104 2144 लखीमपुर खीरी