अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस ईरान के साथ महत्वपूर्ण शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे
दिलीप
- 11 Apr 2026, 04:10 PM
- Updated: 04:10 PM
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 11 अप्रैल (भाषा) अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ईरान के साथ अहम शांति वार्ता के लिए शनिवार को पाकिस्तान पहुंचे।
इस वार्ता का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक स्थायी शांति समझौते पर पहुंचना है। इस युद्ध ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को पंगु बना दिया है और व्यापक पैमाने पर आर्थिक व्यवधान पैदा किए हैं।
वेंस विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सहित अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस्लामाबाद पहुंचे। वह ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ के नेतृत्व वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान की राजधानी पहुंचने के कुछ घंटे बाद यहां पहुंचे।
वेंस के नूर खान एयरबेस पहुंचने पर पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने उनकी अगवानी की।
पाकिस्तान की मध्यस्थता में यह शांति वार्ता ईरान और अमेरिका द्वारा दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा किए जाने के कुछ दिन बाद होगी।
ईरान की अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी ने खबर दी कि किसी संभावित शांति वार्ता की शुरुआत से पहले ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे।
अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हुआ। इस युद्ध की शुरुआत के बाद ईरान और अमेरिका के बीच यह पहली उच्चस्तरीय वार्ता होगी।
ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर इस वार्ता के बाद शांति समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करेगा।
वेंस ने पाकिस्तान रवाना होने से पहले कहा था कि वह वार्ता को लेकर आशान्वित हैं और उम्मीद करते हैं कि यह ''सकारात्मक'' रहेगी।
वेंस ने विमान में सवार होने से पहले कहा था, "जैसा कि (अमेरिका के) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरानी अच्छी नीयत से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम सहयोग का हाथ बढ़ाने के लिए निश्चित रूप से तत्पर हैं, लेकिन अगर वे हमारे साथ 'खेल खेलने' की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि वार्ता करने वाली टीम इतनी भी सहयोगी नहीं है।''
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, डार ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर स्थायी शांति एवं स्थिरता हासिल करने को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता की सराहना की।
डार ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष रचनात्मक ढंग से बातचीत करेंगे। उन्होंने पश्चिम एशिया के संघर्ष का स्थायी और टिकाऊ समाधान निकालने की दिशा में पाकिस्तान की मध्यस्थता जारी रखने की इच्छा भी दोहराई।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ऐसे समय में इस्लामाबाद पहुंचा है, जब लेबनान में इजराइल के हमलों के कारण ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को लेकर अनिश्चितता जताई जा रही थी और सोशल मीडिया पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
गालिबफ ने पाकिस्तान आते समय विमान के भीतर की एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में वह हमलों में मारी गई मिनाब स्कूल की छात्राओं की विमान की सीटों पर रखी तस्वीरों के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं।
गालिबफ ने यह तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ''इस उड़ान में मेरे साथी — मिनाब 168।''
वार्ता के लिए इस्लामाबाद को 'रेड अलर्ट' पर रखा गया है और वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडलों की बहुस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी में 10,000 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
भाषा
सिम्मी दिलीप
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