मुख्यमंत्री स्टालिन ने पलानीस्वामी की आलोचना की, कहा-मेरी उपलब्धियां हमेशा कायम रहेंगी
पारुल
- 10 Apr 2026, 10:49 PM
- Updated: 10:49 PM
तंजावुर (तमिलनाडु), 10 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने के लिए अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी पर शुक्रवार को जमकर निशाना साधा। स्टालिन ने कहा कि मृत्यु सार्वभौमिक सत्य है, लेकिन उनकी उपलब्धियां, जिनमें उनके अनेक कल्याणकारी पहल शामिल हैं, हमेशा कायम रहेंगी।
हाल में चुनाव प्रचार के दौरान अन्नाद्रमुक महासचिव की विवादित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्टालिन ने कहा कि मृत्यु सभी के लिए स्वाभाविक है और वह (स्टालिन) इसका अपवाद नहीं हो सकते।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष स्टालिन ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ''पलानीस्वामी मेरी कड़ी आलोचना करते रहे हैं। मैं कहना चाहता हूं कि मृत्यु सभी की होती है। हम सब मिट्टी में मिल सकते हैं, मैं भी, लेकिन मेरे कार्यक्रम और मेरी पहल हमेशा कायम रहेंगी। उन्हें कोई नष्ट नहीं कर सकता।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलानीस्वामी द्वारा व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिये उन्हें निशाना बनाने का इरादा विफल रहेगा, क्योंकि जनता ने अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन को नकार कर द्रविड़ मॉडल 2.0 शासन को अपनाने का फैसला कर लिया है।
स्टालिन ने कहा, ''मैं तमिलनाडु की प्रगति के लिए अपनी सीमाओं से परे जाकर, अपनी आखिरी सांस तक काम करने को तैयार हूं और इसके परिणाम दुनिया देखेगी।''
उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल एक महत्वपूर्ण तारीख है, क्योंकि उस दिन जनता पलानीस्वामी के ''अहंकार'' का अंत करेगी।
स्टालिन ने धान की खरीद पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक प्रोत्साहन राशि देने से रोकने के केंद्र सरकार के कथित प्रयासों पर पलानीस्वामी की चुप्पी पर सवाल उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पलानीस्वामी सचमुच किसानों के संरक्षक होते, जैसा कि वह दावा करते हैं, तो उन्होंने अब निरस्त किए जा चुके तीनों कृषि कानूनों का समर्थन नहीं किया होगा। उन्होंने अन्नाद्रमुक महासचिव पर किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
स्टालिन ने भाजपा पर आरोप लगाया कि तमिलनाडु के मुख्य सचिव का तबादला ''निजी लाभ और चुनावी धांधली करने'' के लिए किया गया। उन्होंने कहा, ''तमिलनाडु में कई चुनाव हुए हैं और यह शांतिपूर्ण चुनाव संचालन का सबसे अच्छा उदाहरण है। मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों का तबादला पहली बार हुआ है।''
स्टालिन ने कहा कि द्रमुक के सत्ता में वापस आने के बाद जिले के कुंभकोणम में कलाइग्नार विश्वविद्यालय की निश्चित रूप से स्थापना की जाएगी। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का पूर्व राज्यपाल आरएन रवि ने कड़ा विरोध किया था।
भाषा संतोष पारुल
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