सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के एसआईआर में हेराफेरी का लगाया आरोप
राजकुमार
- 10 Apr 2026, 11:55 PM
- Updated: 11:55 PM
लखनऊ, 10 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा अंतिम मतदाता सूची की घोषणा के तुरंत बाद शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में अखिलेश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा, " मौजूदा मतदाता सूची को देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि जब भाजपा मुद्दों पर हारने लगती है, तो वह संस्थाओं की आड़ में छिपकर हमले करती है।"
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने एक बयान में आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी संस्थाएं पहले ही "बेनकाब" हो चुकी हैं तथा अब भाजपा "निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत" कर चुनाव लड़ रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में उपचुनावों में वोटों की "लूट और डकैती" हुई। उन्होंने कहा कि स्थिति का वर्णन करने के लिए इससे भी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यादव ने मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नंदलाल नाम के एक मतदाता का नाम "नकली हस्ताक्षरों" का इस्तेमाल करके मतदाता सूची से हटा दिया गया, जबकि वह लिखना नहीं जानता था।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया,''भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसके हस्ताक्षर जाली बनाए और निर्वाचन आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अगर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, तो इससे पता चलता है कि निर्वाचन आयोग भाजपा के साथ है।''
इस बीच, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि मतदाता सूची तैयार करने का कार्य 27 अक्टूबर, 2025 से 10 अप्रैल, 2026 तक सभी 75 जिलों और 403 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।
बयान के अनुसार यादव ने कहा कि भाजपा के लोग पूज्यनीय शंकराचार्य जी का हर जगह अपमान कर रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी को धमकी मिल रही है, उन्हें सुरक्षा देने की जिम्मेदारी सरकारों की हैं।
यादव ने महिला आरक्षण को लेकर कहा कि ''भाजपा महिलाओं के साथ न्याय नहीं कर रही है। जब एक तिहाई आरक्षण की बात हो रही है तो इसका मतलब गिनती की बात हो रही है। महिलाओं का आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव के दौरान लागू होगा तो जल्दबाजी क्या है?''
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आरक्षण का बिल 2011 की जनगणना के आधार पर क्यों लाया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि नए जनगणना के आधार पर क्यों नहीं लाया जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि दरअसल भाजपा महिलाओं को एक बार फिर धोखा देना चाहती है।
यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर भाजपा चुनाव हारती है उस पर दूसरी पार्टी के वोट कटवा देती है।
इस बीच सपा राज्य मुख्यालय से जारी एक अन्य बयान में कहा गया है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की है कि प्रदेश में 403 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों मे एक लाख 77 हजार 516 पोलिंग बूथों की मतदाता सूची में 'लाजिकल एरर' तथा 'नो-मैपिंग' के आधार पर एवं मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित, दोहराव वाले मतदाताओं के काटे गये (डिलीटेड) नाम व मतादाता सूची में फार्म-6 से जोड़े गये नाम व फार्म-8 से संशोधित नामों की सूची विधान सभा वार, पोलिंग बूथ वार राजनैतिक दलों को तत्काल उपलब्ध कराई जाये।
भाषा किशोर, आनन्द राजकुमार
राजकुमार
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