चुनाव याचिका बुनियादी रूप से मुकदमे पर आधारित होती है: हिमाचल उच्च न्यायालय
दिलीप
- 10 Apr 2026, 07:08 PM
- Updated: 07:08 PM
शिमला, 10 अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि चुनाव याचिका बुनियादी रूप से मुकदमे पर आधारित होती है और इसलिए, निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए साक्ष्यों और गवाहों का परीक्षण इसके अनिवार्य हिस्से हैं।
अदालत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 27 फरवरी, 2024 को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन से हारने के बाद नियमों की व्याख्या को चुनौती दी थी।
राज्यसभा सदस्य हर्ष महाजन के वकील विक्रांत ठाकुर ने बताया कि अदालत ने सिंघवी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मामले में गवाहों के परीक्षण और जिरह की आवश्यकता को चुनौती दी थी।
अदालत ने पाया कि हर्ष महाजन की ओर से प्रस्तुत गवाहों की सूची उचित, वैध और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप थी।
इसने इस बात की पुष्टि की कि चुनाव संबंधी मुकदमों में साक्ष्यों की जांच को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, और सच्चाई का पता लगाने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए गवाहों का परीक्षण आवश्यक है।
ठाकुर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव मामले में महाजन के लिए यह एक बड़ी राहत है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के पास बहुमत होने के बावजूद, जाने-माने वकील सिंघवी 27 फरवरी, 2024 को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन से हार गए थे, क्योंकि कांग्रेस के छह विधायकों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया और तीन निर्दलीय विधायकों ने भी भाजपा का समर्थन किया।
सिंघवी ने नियमों की व्याख्या को चुनौती दी थी। दोनों उम्मीदवारों को 34-34 मत मिले थे।
विजेता की घोषणा लॉटरी (ड्रॉ ऑफ लॉट्स) द्वारा की गई। निर्वाचन अधिकारी द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के अनुसार, सिंघवी को हारा हुआ घोषित किया गया।
अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्ष महाजन ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व पूर्ण और निष्पक्ष सुनवाई से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि तथ्यों और सबूतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सच्चाई को दबाने के प्रयास विफल रहे हैं।
उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा, ''जब तथ्य कमजोर होते हैं, तो कांग्रेस सबूतों से मुंह मोड़ लेती है, लेकिन हम सच्चाई के साथ मजबूती से खड़े हैं और हर मंच पर हर सवाल का सामना करने के लिए तैयार हैं।''
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप
1004 1908 शिमला