बंगाल: शाह ने यूसीसी, 'भूमिपुत्र मुख्यमंत्री' और 'राम राज्य' के वादे से भाजपा की रणनीति को धार दी
अविनाश
- 10 Apr 2026, 06:33 PM
- Updated: 06:33 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 10 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को वादा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर छह महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) लागू की जाएगी और ''बंगाल के सपूत'' को मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही ''राम राज्य'' स्थापित किया जाएगा।
शाह ने विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का 'संकल्प पत्र' जारी करते हुए कहा कि घुसपैठ और तुष्टीकरण के खिलाफ भाजपा के रुख को कल्याणकारी प्रयासों से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों की खान-पान की आदतों में दखल देगी।
शाह ने 'संकल्प पत्र' जारी करने के बाद प्रेसवार्ता में कहा, ''बंगाल में हर व्यक्ति के लिए एक ही कानून होगा।''
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बार-बार यह आरोप लगाए जाने के बीच कि यूसीसी तुष्टीकरण की राजनीति के समान है, पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने समान नागरिक संहिता के वादे का बचाव करते हुए कहा कि यह विचार उनकी पार्टी का नहीं, बल्कि संविधान सभा का है।
उन्होंने कहा, ''समान नागरिक संहिता की सिफारिश भाजपा की नहीं, बल्कि संविधान सभा की है। तुष्टीकरण की राजनीति के कारण ही यूसीसी इतने लंबे समय तक लागू नहीं हो पाई। जिन-जिन राज्यों में हमने सरकार बनाई है, वहां हमने इसे लागू किया है; और हम बंगाल में भी ऐसा ही करेंगे।''
शाह ने कहा, ''संविधान इस सिद्धांत पर आधारित है कि प्रत्येक नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। क्या सभी नागरिकों के लिए एक ही कानून होना तुष्टीकरण है? या फिर यह तुष्टीकरण है कि एक नागरिक को चार विवाह करने की अनुमति हो और दूसरे को एक? यूसीसी तुष्टीकरण का खात्मा करती है।''
केंद्रीय गृह मंत्री ने बंगाल में लंबे समय से उठते रहे इस सवाल का भी जवाब दिया कि मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा का चेहरा कौन होगा।
उन्होंने अभिषेक बनर्जी की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा, ''हम कोई वंशवादी पार्टी नहीं हैं, जहां दीदी के बाद उनका भतीजा अपने आप नेता बन जाता है।''
शाह ने कहा, ''कोई भी बंगाली व्यक्ति मुख्यमंत्री बन सकता है। बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री बंगाल का ही निवासी होगा। वह निपुण, योग्य और सुशासन स्थापित करने में सक्षम होगा।''
पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा बार-बार लगाए जाने वाले इस आरोप का भी जवाब दिया कि भाजपा दिल्ली से बंगाल को चलाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, ''ऐसा नहीं होगा। बंगाल को सुशासन की जरूरत है। बंगाल का मुख्यमंत्री बंगाल में जन्मा, बांग्ला बोलने वाला और सक्षम व्यक्ति होगा। अगर राज्य का शासन दिल्ली से चलता है, तो भी यह बांग्लादेश से शासन चलने से बेहतर है।''
शाह ने कहा, ''ममता बनर्जी के लिए घुसपैठियों की परिभाषा अलग है। घुसपैठियों से मेरा तात्पर्य उन लोगों से है जो भारत के नागरिक नहीं हैं। हम ऐसे सभी घुसपैठियों को निष्कासित करेंगे और शरणार्थियों को नागरिकता देंगे। घुसपैठिए और शरणार्थी दो अलग-अलग चीजें हैं।''
यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा घुसपैठ पर श्वेतपत्र प्रकाशित करेगी, शाह ने कहा, ''पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार बनने के बाद ही ऐसा होगा। हम आपको बताएंगे कि घुसपैठियों की सही-सही संख्या क्या है और मौजूदा सरकार ने फर्जी तरीके से प्रवेश कैसे कराया।''
शाह ने तृणमूल नेता अखिल गिरि की उस टिप्पणी पर भी निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल को ''राम राज्य'' की आवश्यकता नहीं है।
पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''राम राज्य सुशासन की एक अवधारणा है, जिसके बारे में महात्मा गांधी ने स्वयं स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बात की थी।''
उन्होंने कहा, ''अगर ममता दीदी को यह नहीं भी चाहिए, तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है - उनके पास बहुत कम समय बचा है। 5 मई से भाजपा सत्ता में होगी। हम यहां राम राज्य स्थापित करेंगे, जिसका अर्थ है सुशासन।''
यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा सरकार मछली और अंडे पर प्रतिबंध लगाएगी, शाह ने कहा, ''आप ऐसा सवाल क्यों पूछते हैं?''
शाह ने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस द्वारा फैलाई गई अफवाह है।
उन्होंने कहा, ''दीदी ऐसे दावे करती रहती हैं। अब वह कह रही हैं कि उनकी सभी कल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी जाएंगी। जहां भी भाजपा सत्ता में आई है, हमने पिछली सरकार की एक भी गरीब-समर्थक योजना बंद नहीं की है। हालांकि, इन योजनाओं को लागू करने में वसूला जाने वाला 'कट मनी' जरूर बंद हो जाएगा।''
इस सवाल पर कि क्या भाजपा अब उसी ''मुफ्त उपहार संस्कृति'' को अपना रही है जिसकी उसने कभी आलोचना की थी, शाह ने कहा कि बंगाल को वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस द्वारा संकट में धकेल दिया गया है।
उन्होंने कहा, ''जब कोई बीमार होता है, तो आप उसे दवा और ताकत देते हैं। इसे मुफ्त देना नहीं कहते। ये उपाय बंगाल की महिलाओं, युवाओं और पुरुषों के साथ-साथ मछुआरों की सहायता के लिए हैं।''
वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने की भाजपा की कोशिश सफल नहीं हो पाई थी।
शाह ने विश्वास जताया कि भाजपा इस बार बंगाल में सरकार जरूर बनाएगी।
उन्होंने कहा, ''हमें पूरा विश्वास है कि इस बार भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। मैं बंगाल की जनता से अपील करता हूं कि वह किसी से न डरे। डर तभी खत्म होगा जब बदलाव आएगा। लोग इस चुनाव में निडर होकर वोट दें और उस बदलाव की शुरुआत करें।''
मालदा में हुई हिंसा और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के आरोपों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, ''उच्चतम न्यायालय ने इसका संज्ञान लिया है, और निर्वाचन आयोग ने भी। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि इस बार चुनाव भयमुक्त होंगे।''
केंद्रीय गृह मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस के उस वीडियो को भी खारिज किया, जिसमें निलंबित तृणमूल नेता हुमायूं कबीर कथित तौर पर भाजपा नेताओं के साथ निकटता का दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''आप ममता बनर्जी की क्षमताओं को नहीं जानते। वह ऐसे 2,000 वीडियो बना सकती हैं। हुमायूं कबीर और भाजपा एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं। हम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने की बात करने वालों के साथ बैठने की बजाय 20 साल विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे।''
शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर कहा, ''यह मामला निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय का है। एसआईआर का काम हम नहीं कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग यह कर रहा है।''
उन्होंने उत्तर और पश्चिमी बंगाल के दो प्रमुख समुदायों से महत्वपूर्ण वादा करते हुए कहा, ''हम कुर्माली और राजबंशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रयास करेंगे और बंगाल सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।''
भाषा
नेत्रपाल अविनाश
अविनाश
1004 1833 कोलकाता