केरल विधानसभा चुनाव में 78 प्रतिशत से अधिक मतदान
पारुल
- 09 Apr 2026, 11:55 PM
- Updated: 11:55 PM
तिरुवनंतपुरम, नौ अप्रैल (भाषा) केरल में बृहस्पतिवार को हुए विधानसभा चुनाव में 78 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के चुनावों की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है।
मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। हालांकि, कुछ जगहों से मामूली तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आईं।
निर्वाचन आयोग की ओर से रात आठ बजे के बाद जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2.71 करोड़ मतदाताओं में से 78.27 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में दर्ज 74.06 फीसदी मतदान से अधिक है।
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1987 के विधानसभा चुनाव में राज्य में 80.54 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि 1960 में 85.72 प्रतिशत मतदान के साथ अब तक का सर्वाधिक मतदान रिकॉर्ड किया गया था।
आंकड़ों के मुताबिक, कोझिकोड जिले में सबसे अधिक 81.02 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि सबसे कम मतदान पत्तनमथिट्टा में 70.75 प्रतिशत रहा।
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मतदान प्रतिशत पर प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने कहा कि राज्यभर में मतदान प्रक्रिया काफी हद तक सुचारु और शांतिपूर्ण रही और कहीं से भी किसी बड़ी समस्या की कोई सूचना नहीं मिली है।
हालांकि, दो मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के कारण मतदान शुरू होने में लगभग 30 मिनट की देरी हुई। अधिकारियों ने कहा कि कुछ मामूली तकनीकी दिक्कतों के बावजूद, चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से चली और विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने मतदान किया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीएन मोहनन ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को इस वृद्धि का कारण बताया।
उन्होंने कहा, ''मृत या पलायन कर चुके लोगों के नाम हटाए जाने के कारण मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई है।''
कांग्रेस नेता दीप्ति मैरी वर्गीज ने कहा कि इस प्रवृत्ति का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "आमतौर पर यह प्रवृत्ति देखी जाती है कि जब मतदान प्रतिशत बढ़ता है, तो यह यूडीएफ के लिए अनुकूल हो जाता है।''
भाजपा नेता केएस शैजू ने इस वृद्धि को जमीनी स्तर पर मतदाताओं के व्यवहार से जोड़ा। उन्होंने कहा, ''हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि इस बार अधिक महिला मतदाता मतदान करने आई हैं।''
शैजू ने अपनी पार्टी की संभावनाओं के बारे में भी विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी भाजपा के पक्ष में होगी।''
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे कन्नूर जिले के पिनराई स्थित आरसी अमला बेसिक यूपी स्कूल में मतदान केंद्र तक पैदल पहुंचे। उनके साथ पार्टी के कई नेता भी मौजदू रहे।
चुनाव को निर्णायक बताते हुए विजयन ने कहा कि ये केरल का भविष्य निर्धारित करेंगे, क्योंकि अपना प्रदेश एक विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री संवाददाताओं से कहा, ''हम विकास हासिल करने में सफल रहे हैं और यह जारी रहना चाहिए। इसमें बाधा नहीं आनी चाहिए और लोग भी यही चाहते हैं कि विकास जारी रहे।''
उन्होंने कहा, ''हमें विश्वास है कि इस बार भी जनता हमें अधिक सीटें देगी। हम जनता के साथ हैं और जनता हमारे साथ है।''
कांग्रेस के नेता वीडी सतीशन केसरी सरकारी कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पहुंचे और मतदान किया।
यूडीएफ की संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए, सतीशन ने दावा किया कि जनता के रुख में स्पष्ट बदलाव आया है।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी सुबह साढ़े छह बजे गुरुवायूर के देवस्वओम अंग्रेजी माध्यम स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचे और कतार में खड़े दिखाई दिए।
उन्होंने कहा कि इस बार बदलाव आएगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मतदान के बाद कहा कि पार्टी मतदाताओं से केरल में विकास के लिए अवसर मांग रही है।
उन्होंने कहा, ''लोगों को इस बात का एहसास है कि यह महत्वपूर्ण चुनाव है। मुझे विश्वास है कि वे बदलाव लाएंगे।''
राज्यभर में कई वरिष्ठ नेताओं, उम्मीदवारों और सार्वजनिक हस्तियों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। मलयालम अभिनेताओं में ममूटी और मोहनलाल ने क्रमशः एर्णाकुलम और तिरुवनंतपुरम में अपना वोट डाला।
भाषा
राखी पारुल
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0904 2355 तिरुवनंतपुरम