महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ 2029 के लोकसभा चुनाव से मिलना शुरू हो जाएगा: मोदी
नरेश
- 05 Apr 2026, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
कूच बिहार, पांच अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ उन्हें 2029 के संसदीय चुनावों से मिलना शुरू हो जाएगा।
मोदी ने पिछले महीने चुनाव की घोषणा के बाद उत्तर बंगाल में अपनी पहली रैली में कूचबिहार के विशाल मैदान को बंगाल की महिलाओं से सीधी अपील करने के लिए इस्तेमाल किया, राज्य की "शक्ति" पूजा की परंपरा, संदेशखलि का उल्लेख किया और भाजपा को महिलाओं के लिए "सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण" के गारंटर के रूप में प्रस्तुत किया।
मोदी ने कहा, "देश के लिए यह महत्वपूर्ण है कि देश के लिए लिये जाने वाले निर्णयों में महिलाओं की अधिक भूमिका हो। इसलिए, हमारी सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला कानून बनाया है।"
पश्चिम बंगाल में जहां लगभग आधी मतदाता महिलाएं हैं और तृणमूल कांग्रेस के चुनावी वर्चस्व का आधार हैं, वहां इस बयान के बड़े राजनीतिक निहितार्थ हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार अब यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि 2023 में पारित आरक्षण कानून अगले लोकसभा चुनाव से लागू हो जाए।
उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल और पूरे देश की बहनों को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही इसका लाभ मिलना शुरू हो जाना चाहिए। हम इसे सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए, सरकार ने इस महीने संसद का विशेष सत्र बुलाया है।''
उन्होंने कहा, "माताओं और बहनों का यह अधिकार 40 वर्षों से लंबित है। इसमें और देरी नहीं होनी चाहिए।" मोदी की यह टिप्पणी विपक्षी दलों के साथ-साथ देश भर की महिला मतदाताओं को भी लक्षित करती प्रतीत होती है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में संकेत दिया था कि संसद जल्द ही एक महत्वपूर्ण विधेयक पर विचार करने के लिए फिर से बैठेगी।
संसद का बजट सत्र तीन और दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है और संक्षिप्त अवकाश के बाद 16 अप्रैल को फिर से शुरू होगा। केंद्र सरकार लोकसभा सीट की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने के लिए विधेयक लाने की योजना बना रही है।
सीट में प्रस्तावित वृद्धि का उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून के कार्यान्वयन को सुगम बनाना है।
कूच बिहार और आसपास के जिलों की बड़ी संख्या में महिलाओं समेत भारी भीड़ ने "मोदी, मोदी" के नारे लगाकर प्रतिक्रिया दी, जिस पर प्रधानमंत्री ने उनसे राजनीतिक दलों पर इस विधेयक का समर्थन करने के लिए दबाव बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, "हम संसद में महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें बढ़ाने पर दृढ़ मुहर लगाना चाहते हैं, ताकि राज्यों को इसका पूरा लाभ मिल सके। यह पूरे देश का काम है। यह किसी एक पार्टी का काम नहीं है। इसलिए, हमने सभी पार्टियों से चर्चा की है। मैं सभी पार्टियों से आग्रह करता हूं कि वे एकजुट होकर महिलाओं के अधिकारों के इस मुद्दे का सर्वसम्मति से समर्थन करें।"
मोदी ने रैली मंच से इस मुद्दे पर व्याप्त आशंकाओं को दूर करने का भी प्रयास किया। उन्होंने कहा, "कूच बिहार से, मैं देश के सभी राज्यों को फिर से आश्वस्त करता हूं कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, उन्हें सीट के मामले में कोई नुकसान नहीं होगा। सभी को लाभ होगा। सभी राज्यों की भागीदारी और अधिकार सुरक्षित रहेंगे।"
हाल के वर्षों में बंगाल में पुरुषों की तुलना में अधिक संख्या में मतदान करने वाली महिला मतदाताओं को अब सभी पार्टियां राज्य का सबसे निर्णायक चुनावी समूह मानती हैं।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद, कुल 7.04 करोड़ मतदाताओं में महिला मतदाताओं की संख्या लगभग 3.44 करोड़ है, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 3.60 करोड़ है।
पिछले एक दशक में, लक्ष्मीर भंडार, कन्याश्री और स्वास्थ्य साथी जैसी कल्याणकारी योजनाओं के बल पर महिलाएं ममता बनर्जी के राजनीतिक गठबंधन का केंद्रीय स्तंभ बनकर उभरी हैं।
भाजपा ने पुरुष और युवा मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करने के बावजूद इस समर्थन आधार में पैठ बनाने के लिए संघर्ष किया है। उसने हाल के महीनों में कानून व्यवस्था से लेकर वित्तीय सशक्तिकरण तक, महिला-केंद्रित मुद्दों पर अपने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया है। रविवार का भाषण शायद इस रणनीति का अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत था।
मोदी ने कहा, ''हमारा बंगाल शक्ति की उपासना की भूमि है। मैं यहां उपस्थित सभी बहनों और बेटियों और बंगाल की हर महिला से कहना चाहता हूं कि भाजपा आपके सम्मान और समृद्धि के लिए मैदान में है।"
उन्होंने कहा, ''अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो इससे महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होगा। और यही हमारा पूर्व-सिद्धांत है। इसीलिए आज पूरे देश में महिलाओं की पहली पसंद भाजपा है।''
भाजपा के रुख को राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से अलग दिखाने के लिए, मोदी ने एक बार फिर संदेशखलि का जिक्र किया, जहां यौन शोषण और जमीन हड़पने के आरोप पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन गए थे।
उन्होंने कहा, "एक तरफ संदेशखलि की तरह बहनों की चीखें और बेटियों पर हो रहे अत्याचार हैं। दूसरी तरफ, मोदी की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की गारंटी है।"
प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में किए गए कार्यों की भी सराहना की।
राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतगणना 4 मई को होगी।
भाषा
अमित नरेश
नरेश
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