मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में तृणमूल कांग्रेस मतदाताओं के साथ खड़ी रहेगी: अभिषेक बनर्जी
प्रशांत
- 03 Apr 2026, 08:27 PM
- Updated: 08:27 PM
कोलकाता, तीन अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी उन लोगों के साथ खड़ी रहेगी जिनके नाम पूरक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद हटा दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित करने के कथित प्रयास किए गए हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा फॉर्म 6 के माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम हटाने और अन्य राज्यों के लोगों को शामिल करने के लिए निर्वाचन आयोग पर ''लगातार दबाव'' डाल रही है। उन्होंने कहा, ''हमें बंगाल के मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने के प्रयास को विफल करने के लिए चौबीसों घंटे सतर्क रहना होगा।''
पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के खानकुल में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, ''हम एक भी अधिकृत मतदाता का नाम हटाने से रोकने के लिए सतर्क रहेंगे। हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे।''
उन्होंने कहा, ''उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवाई की तारीख छह अप्रैल है। हम प्रतीक्षा करेंगे। लेकिन मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यदि आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो पार्टी इस मामले को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के समक्ष उठाएगी। साथ ही, यदि आपका नाम दर्ज नहीं है, तो हमारे विभाग के माध्यम से ऑनलाइन अपील करें।''
बनर्जी ने कहा, ''भाजपा निर्वाचन आयोग को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है ताकि बंगाल के बाहर रहने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें। वे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अपनाई गई रणनीति को दोहरा रहे हैं, जहां उन्होंने इसी तरह लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए थे और फिर अन्य राज्यों के मतदाताओं के नाम शामिल कर दिए थे।''
भाजपा पर दोहरी बातें करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जहां एक ओर यह पिछड़ी जातियों और आदिवासियों के प्रति प्रेम का दावा करती है, वहीं वास्तविकता में भाजपा शासित राज्य पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचारों की संख्या में सबसे ऊपर हैं।
उन्होंने दावा किया, ''2023 की एनसीआरबी रिपोर्ट में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) पर अत्याचार के मामलों में उत्तर प्रदेश 15,130 घटनाओं के साथ पहले स्थान पर है, उसके बाद राजस्थान 8,450 और मध्य प्रदेश 8229 घटनाओं के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।''
बनर्जी ने मतदाताओं से चुनाव प्रचार के दौरान शांति बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ''जब भाजपा के उम्मीदवार आपके इलाके में आएं, तो उन्हें शरबत पिलाएं और विनम्रता से पूछें कि उनका प्रदर्शन कैसा रहा है। उनसे नाम हटाने के बारे में पूछें, लेकिन कृपया शांति बनाए रखें। सभी को शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव प्रचार करने की अनुमति मिलनी चाहिए, और आपको अपना जवाब ईवीएम के माध्यम से देना चाहिए।''
इससे पहले पुरुलिया जिले के जॉयपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उसके एलपीजी आपूर्ति, नोटबंदी, एसआईआर सुनवाई और लॉकडाउन जैसे मुद्दों को ठीक से नहीं संभाल पाने के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने दावा किया, ''एलपीजी सिलेंडर की कीमत 400 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो गई है, दूध की कीमत 28 रुपये से बढ़कर 60 रुपये से अधिक हो गई है, केरोसिन की कीमत 14 रुपये से बढ़कर 40 रुपये हो गई है। हर आवश्यक वस्तु की कीमतें आसमान छू रही हैं।''
बनर्जी ने लॉकडाउन के दिनों का भी जिक्र किया और कहा ''मोदी सरकार ने बिना किसी योजना के लॉकडाउन लगाया था''। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बंगाल के हजारों प्रवासी श्रमिकों की मुश्किलें और बढ़ गई थीं, जो अपने कार्यस्थलों पर फंस गए थे और उन्हें वापस लौटने में बहुत कठिनाई हुई थी।
पश्चिम बंगाल में भाजपा पर निर्वाचन आयोग को नियंत्रित करने और चुनावों को अपने पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा, ''उसके (भाजपा) पास रिमोट कंट्रोल है, लेकिन हमारे पास ईवीएम का बटन है जिसे वे हमसे छीन नहीं सकते।''
भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो पर पुरुलिया लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं के जीवन स्तर में सुधार के लिए ''कुछ खास न करने'' का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा, ''मैं महतो और स्थानीय भाजपा विधायक नरहरि महतो दोनों को चुनौती देता हूं कि वे जनता के लिए कार्यान्वित की गई परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें।''
उन्होंने कहा, ''यदि आप यह साबित कर सकें कि आपने मोदी से 10 पैसे भी हासिल किए थे, तो मैं यहां से तृणमूल कांग्रेस के लिए कभी वोट नहीं मांगूंगा। आइए एक खुली बहस करें जहां आप और मैं एक मंच पर आमने-सामने बैठेंगे।''
गरीबों के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ''केंद्र द्वारा पीएम आवास योजना के तहत धनराशि रोके जाने के बावजूद, हमारी मुख्यमंत्री ने 'बांग्लार बाड़ी' परियोजना के लिए धनराशि जुटाई और पहले ही 32 लाख परिवारों को मकान मिल चुके हैं।''
उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल में हम 15 वर्षों से सत्ता में हैं और हमारी मुख्यमंत्री हर वादे को पूरा करती हैं। केंद्र में 12 वर्षों से सत्ता में रही भाजपा को अपना रिकॉर्ड कार्ड पेश करना चाहिए। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान मोदी ने हर बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करने का जो वादा किया था, उसका क्या हुआ?''
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ''भाजपा 15 राज्यों में सत्ता में है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं - ममता बनर्जी की 'लक्ष्मी भंडार' जैसी एक भी योजना किसी भी राज्य में लागू करके दिखाएं।''
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को होगी।
भाषा
देवेंद्र प्रशांत
प्रशांत
0304 2027 कोलकाता