एलडीएफ ने सोने के टुकड़ों के लिए भगवान अयप्पा के साथ विश्वासघात किया : राजनाथ सिंह
जितेंद्र
- 01 Apr 2026, 11:42 PM
- Updated: 11:42 PM
(फोटो सहित)
कोच्चि/तिरुवनंतपुरम, एक अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को आरोप लगाया कि भगवान का अपना घर कहे जाने वाले केरल में "भगवान सुरक्षित नहीं हैं" क्योंकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने सोने के कुछ टुकड़ों के लिए भगवान अयप्पा के साथ विश्वासघात किया है।
वह स्पष्ट रूप से शबरिमला मंदिर से सोने की चोरी के मामलों का संदर्भ दे रहे थे।
परवूर और नेदुमंगद विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ''जिस तरह जूडस (इस्कैरियट) ने चांदी के कुछ टुकड़ों के लिये ईसा मसीह को धोखा दिया, उसी तरह वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने भगवान अयप्पा को सोने के कुछ टुकड़ों के लिये धोखा दिया।''
उन्होंने तर्क दिया कि अगर भगवान की यह दशा है, तो आम लोगों की स्थिति कहीं अधिक खराब होगी और आश्वासन दिया कि केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सत्ता में आने पर मंदिर से कथित तौर पर सोने के गबन की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा समयबद्ध जांच की जाएगी।
राजनाथ ने केरल सरकार से शबरिमला मंदिर के सोने की सुरक्षा में चूक कैसे हुई यह स्पष्ट करने की मांग की और कहा कि यह श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्थाओं के साथ विश्वासघात है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, ''शबरिमला मंदिर के दरवाजों से सोना चुराने वालों को केरल की जनता द्वारा बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।''
सिंह ने शाम को नेदुमंगद में रोड शो किया।
सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जहां कुछ माकपा नेताओं ने मंदिर से सोना चुराया, वहीं कुछ कांग्रेस नेताओं ने उन्हें इसे बेचने में मदद की, "जो दर्शाता है कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों एक ही हैं"।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने एलडीएफ और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर केरल की जनता के साथ विश्वासघात करने, समाज को विभाजित करने, राज्य की अर्थव्यवस्था को "नष्ट" करने और जनता से किए गए वादों को पूरा न करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि एलडीएफ और यूडीएफ के लगातार शासन के तहत, केरल पर कर्ज बढ़कर अब लगभग पांच लाख करोड़ रुपये हो गया है।
रक्षा मंत्री ने चुनावी भाषण के दौरान यह भी आरोप लगाया कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों में 'फ्रंट' (मोर्चा) शब्द का अर्थ "भ्रष्टाचार का मोर्चा" है। उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ का अर्थ "लूट, विभाजन और विफलता" है, जबकि यूडीएफ का अर्थ "अविश्वास, बेईमानी और धोखाधड़ी" है।
सिंह ने यह भी दावा किया कि केरल में वामपंथी प्रशासन द्वारा केंद्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में बाधा डाली जा रही है।
अपने भाषण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि 2020 में राज्य प्रायोजित सोने की तस्करी हुई और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के करीबी लोग इसमें शामिल थे।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार का कोई सदस्य कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े एक मामले में धन शोधन में कथित तौर पर शामिल पाया गया था।
सिंह ने दावा किया कि यूडीएफ के कार्यकाल के दौरान भी कई "घोटाले" हुए थे और वे एलडीएफ के कार्यकाल जितने ही बुरे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राज्य में धार्मिक चरमपंथ में वृद्धि हो रही है और कई युवा इसके शिकार हो रहे हैं।
सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रविरोधी ताकतों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रही है और सत्ता हासिल करने के लिए देश को बेचने सहित किसी भी हद तक जा सकती है।
उन्होंने पूछा, "केरल को जमात-ए-इस्लामी, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से कौन बचाएगा?"
रक्षा मंत्री ने कहा कि केवल भाजपा ही केरल को उनसे बचा सकती है और राज्य में बदलाव लाने का यह एकमात्र "प्रमुख विकल्प" है। उन्होंने कहा, "2024 में त्रिशूर लोकसभा सीट से सुरेश गोपी की जीत और 2025 में भाजपा द्वारा तिरुवनंतपुरम नगर निगम सीट जीतना तो बस शुरुआत थी।"
उन्होंने 'द केरल स्टोरी' फिल्म का भी जिक्र किया और कहा कि केरल की कहानी उस बारे में नहीं होनी चाहिए जो फिल्म में दिखाई गई है।
केरल में विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को होंगे।
भाषा आशीष जितेंद्र
जितेंद्र
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