प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि केरल में एलडीएफ चुनाव जीते: राहुल
रंजन
- 31 Mar 2026, 08:47 PM
- Updated: 08:47 PM
कन्नूर/कोझिकोड (केरल), 31 मार्च (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) विधानसभा चुनाव जीते।
राहुल ने मंगलवार को कन्नूर एवं कोझिकोड में चुनावी रैलियों को संबोधित किया और आरोप दोहराया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) एलडीएफ और भाजपा की मिलीजुली ताकत से लड़ रहा है।
कन्नूर में माकपा के दो पूर्व नेता कुन्हिकृष्णन और टीके गोविंदन भी मंच पर मौजूद थे। दोनों नेता यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा, ''यह चुनाव दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है। यह लड़ाई माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे और यूडीएफ के बीच है। पहली बार, हम भाजपा और वाम मोर्चे के बीच साझेदारी देख रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि यह काफी आश्चर्यजनक है कि एक वामपंथी पार्टी एक अति दक्षिणपंथी पार्टी के साथ गठबंधन कर रही है जबकि दोनों की विचारधारा एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत है।
गांधी ने कहा, ''सवाल यह है कि यह कैसे संभव है कि एक वामपंथी पार्टी किसी दक्षिणपंथी पार्टी के साथ गठबंधन कर ले? यह एक पहेली की तरह है।''
उन्होंने कहा, ''इस पहेली के कुछ जवाब मंच पर बैठे हैं। आज यहां माकपा के दो दिग्गज नेता हैं। वे हमारे मंच पर क्यों बैठे हैं और माकपा और मुख्यमंत्री के लिए प्रचार नहीं कर रहे हैं?''
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिसे आज वाम मोर्चा कहा जाता है वह अब वामपंथी या मध्यमार्गी गठबंधन नहीं है।
उन्होंने कहा, ''वास्तव में, वे भाजपा के साथ हैं क्योंकि वे कॉर्पोरेट पार्टियां हैं। वे अब आम लोगों की पार्टियां नहीं हैं। इसका प्रमाण अब मंच पर है। वामपंथी सोच वाले लोग कांग्रेस के साथ हैं और पार्टी उनका समर्थन कर रही है।''
केरल में भाजपा के रुख पर सवाल उठाते हुए गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री दूसरी जगहों पर धर्म, मंदिरों और भगवान के बारे में बात करते हैं, लेकिन वह राज्य में शबरिमला से सोना गायब होने का मुद्दा नहीं उठाते।
उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा नेता शबरिमला में सोना गायब होने के मामले में शामिल थे और भाजपा इस मुद्दे पर चुप रही।
राहुल गांधी ने कहा, ''हिंदू धर्म के तथाकथित रक्षक जब केरल आते हैं तो शबरिमला के बारे में नहीं बोलते। वह चाहते हैं कि राज्य में वाम मोर्चा चुनाव जीते।''
उन्होंने कहा कि वामपंथी नेताओं का यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़ना दर्शाता है कि माकपा अब सच्ची वामपंथी पार्टी नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि इसका कारण यह है कि भाजपा केरल में माकपा को सत्ता में चाहती है।
उन्होंने कहा, ''क्योंकि वे जानते हैं कि माकपा को नियंत्रित कर सकते हैं। वे जानते हैं कि वे यूडीएफ और कांग्रेस को नियंत्रित नहीं कर सकते।''
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं कि पूरे देश में केवल कांग्रेस ही उन्हें चुनौती दे सकती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जो भी भाजपा के खिलाफ खड़ा होता है उस पर बेरहमी से हमला किया जाता है.
उन्होंने कहा, ''मेरे खिलाफ 36 मामले दर्ज हैं। मेरा घर छीन लिया गया। मेरी लोकसभा सदस्यता (पिछली लोकसभा में) छीन ली गई। ईडी ने मुझसे 55 घंटे तक पूछताछ की।''
राहुल गांधी ने सवाल किया कि अगर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन वास्तव में भगवा पार्टी के लिए खतरा हैं तो केंद्रीय एजेंसियां लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों में उनके खिलाफ कार्रवाई करने में विफल क्यों रही हैं?
उन्होंने भारत-अमेरिका समझौते की अपनी आलोचना दोहराते हुए आरोप लगाया कि मोदी ने भारत का भविष्य अमेरिका के हाथों में सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "इसका परिणाम जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा। भारतीय किसान बुरी तरह प्रभावित होंगे।"
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है, जिसका असर देश के हर व्यक्ति पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, "आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत अब अपनी मर्जी से किसी से तेल नहीं खरीद सकता। तेल खरीदने से पहले उसे अमेरिका से अनुमति लेनी होगी। भारत अमेरिका की अनुमति के बिना रूस, ईरान और इराक से तेल नहीं खरीद सकता।"
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका समझौता ''एपस्टीन फाइलों'' और उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में दर्ज मामलों से जुड़ा है।
उन्होंने दावा किया कि अदाणी कंपनी भाजपा की वित्तीय रीढ़ है, जिसे अमेरिका और वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों समझते हैं।
राहुल गांधी ने एक नुक्कड़ सभा में आरोप लगाया कि उन्होंने संसद में प्रधानमंत्री मोदी से भारत-अमेरिका समझौते के बारे में सवाल किए लेकिन वह "भाग गए"।
उन्होंने कहा, "चिंता मत कीजिए, एक बात समझ लीजिए – चाहे कुछ भी हो जाए, कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री मोदी को नहीं छोड़ेगी। वह जितनी तेज़ी से और जितनी दूर भागना चाहें, अंत में कांग्रेस पार्टी उन्हें पकड़ ही लेगी।"
उन्होंने एक बार फिर आरोप लगाया कि जिस तरह ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को नियंत्रित करते हैं, उसी तरह मोदी केरल के मुख्यमंत्री को नियंत्रित करते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस तरह ट्रंप को मोदी "सर" कहते हैं, उसी तरह विजयन प्रधानमंत्री को "सर" कहते हैं।
भाषा अविनाश हक अविनाश रंजन
रंजन
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