हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा के भाटिया, कांग्रेस के बौद्ध निर्वाचित, 'क्रॉस-वोटिंग' हुई
नरेश
- 17 Mar 2026, 04:56 PM
- Updated: 04:56 PM
(फोटो के साथ)
चंडीगढ़, 17 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध को हरियाणा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित किया गया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
प्रतिष्ठा का सवाल बनी इन दोनों सीटों के लिए मतगणना, गोपनीयता के उल्लंघन के आरोपों के चलते दोनों दलों के बीच विवाद के कारण सोमवार आधी रात के बाद तक हुई।
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (63) के खिलाफ बौद्ध की जीत आसान नहीं रही क्योंकि क्रॉस-वोटिंग ने कांग्रेस की विजय की आरामदायक स्थिति को झटका दिया।
भाजपा के भाटिया (58) करनाल से पूर्व लोकसभा सदस्य हैं, वहीं बौद्ध (61) हरियाणा सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी और एक प्रमुख दलित कार्यकर्ता हैं जो वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति विभाग के समन्वयक के रूप में सेवा दे रहे हैं।
इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के दो विधायकों ने मतदान नहीं किया जिससे 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में वैध मतों की संख्या घटकर 88 रह गई।
अधिकारियों ने बताया कि पांच वोट अमान्य घोषित किए गए जिनमें चार कांग्रेस के और एक भाजपा का है।
इनेलो के नेता अभय सिंह चौटाला और आदित्य देवी लाल ने कहा कि पार्टी ने जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मतदान से दूर रहने का फैसला किया।
कांग्रेस और भाजपा द्वारा मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से संपर्क करने के बाद, आयोग ने कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह के वोट को अमान्य घोषित कर दिया।
भाटिया ने पहली सीट पर आसानी से जीत हासिल की, उन्हें 39 प्रथम वरीयता वोट मिले।
दूसरी सीट के लिए हुए मुकाबले में बौद्ध को 28 वोट मिले जबकि निर्दलीय उम्मीदवार नांदल को 16 वोट मिले।
राज्यसभा चुनाव की एक सीट जीतने के लिए आवश्यक कोटा 2,767 (वोट मूल्य) था तथा भाटिया और बौद्ध दोनों ने इस सीमा को पार कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के पांच विधायकों ने कथित तौर पर 'क्रॉस-वोटिंग' की और अगर एक और कांग्रेस विधायक निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में 'क्रॉस-वोटिंग' करता तो नांदल भाटिया के 11 द्वितीय वरीयता वोट हासिल कर 28 तक पहुंच सकते थे।
मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए, हरियाणा के कांग्रेस प्रभारी महासचिव बी.के. हरिप्रसाद ने 'पीटीआई-भाषा' को फोन पर बताया कि पार्टी उन विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी जिन्होंने कथित तौर पर क्रॉस-वोटिंग की है।
हरियाणा में 2016 और 2022 में हुए राज्यसभा चुनावों में, कांग्रेस उम्मीदवार और उसके समर्थित उम्मीदवार के पास आवश्यक संख्या बल होने के बावजूद, भाजपा समर्थित दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।
वर्ष 2022 में, कांग्रेस के उम्मीदवार अजय माकन भाजपा और जजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा से हार गए, जबकि कांग्रेस के पास सीट जीतने के लिए आवश्यक 31 सीटों का बहुमत था।
मुख्यमंत्री सैनी ने देर रात संवाददाता सम्मेलन में विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा, ''नांदल सिर्फ एक वोट से हारे (जीत का अंतर बहुत कम था)। पांच कांग्रेस विधायकों ने 'क्रॉस वोटिंग' की। उनके चार वोट अमान्य घोषित कर दिए गए।''
भाजपा समर्थित नांदल ने 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
अपनी पार्टी के पांच विधायकों द्वारा 'क्रॉस वोटिंग' के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पत्रकारों से कहा, ''कांग्रेस के साथ विश्वासघात करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।''
हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पत्रकारों से कहा, ''मैं उनके नाम नहीं लूंगा, लेकिन लोगों को समझ आ गया है और जनता उन्हें सबक सिखाएगी।''
हुड्डा ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, ''उन्होंने हर तरह की चाल चली। लेकिन कांग्रेस ने 'अग्नि परीक्षा' (एक सीट जीतकर) पास की।''
मुख्यमंत्री सैनी ने कांग्रेस पर अपने विधायकों को बंधक बनाकर अलग-अलग जगहों पर स्थानांतरित करने का आरोप लगाया। उन्होंने मतदान से कुछ ही दिन पहले कांग्रेस विधायकों को हिमाचल प्रदेश स्थानांतरित किए जाने का जिक्र किया। पार्टी के ये विधायक सोमवार सुबह हिमाचल प्रदेश से चंडीगढ़ लौटे।
सैनी ने कहा, ''मैंने पहली बार देखा कि कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है।''
सैनी ने कहा कि कांग्रेस ''खत्म'' हो चुकी है और उसका ''कोई भविष्य नहीं'' है।
मुख्यमंत्री ने मतदान से अनुपस्थित रहने के लिए इनेलो की कड़ी आलोचना की और कहा कि इसने कांग्रेस की ''बी टीम'' के रूप में काम किया।
सैनी ने दावा किया कि इनेलो ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस का समर्थन किया और कहा कि अगर वह भाजपा का समर्थन नहीं करना चाहती थी तो निर्दलीय उम्मीदवार को वोट दे सकती थी।
शाम चार बजे मतदान समाप्त होने के बाद पांच बजे मतों की गिनती होनी थी लेकिन कांग्रेस और भाजपा ने मत की गोपनीयता के उल्लंघन की शिकायतें कीं जिसके कारण मतों की गिनती पांच घंटे से अधिक की देरी के बाद शुरू हुई।
बौद्ध, दीपेंद्र हुड्डा और अन्य नेताओं के साथ विजय चिह्न बनाते हुए भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, ''यह 'प्रजातंत्र' की जीत और 'वोट चोरी' की हार है।''
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारी का आचरण भी पक्षपातपूर्ण था।
चुनाव जीतने के बाद बौद्ध ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व, हुड्डा और राज्य के अन्य नेताओं को धन्यवाद दिया।
इससे पूर्व दिन में मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने पत्रकारों को बताया कि भाजपा ने दो कांग्रेस विधायकों - भरत सिंह बेनीवाल और परमवीर सिंह के खिलाफ "मत की गोपनीयता के उल्लंघन" के संबंध में आयोग से शिकायत की थी।
इस पर कांग्रेस नेता अशोक अरोड़ा ने कहा कि जब इन विधायकों ने मतदान किया, तब कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई और आरोप लगाया कि यह शिकायत जानबूझकर शाम चार बजे के बाद दर्ज कराई गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री अनिल विज के खिलाफ मत की गोपनीयता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
इस बीच, कांग्रेस उम्मीदवार बौद्ध ने कथित पक्षपातपूर्ण आचरण के लिए निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव की निष्पक्षता में हस्तक्षेप करने के प्रयास का आरोप लगाया और पार्टी प्रतिनिधिमंडल की ओर से मुलाकात का वक्त मांगा।
नब्बे सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक, कांग्रेस के 37, इनेलो के दो विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायक हैं।
भाजपा की किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने वाला है और इसी कारण राज्यसभा की दो सीट पर चुनाव कराया गया।
भाषा शफीक नरेश
नरेश
1703 1656 चंडीगढ़