केंद्र को संकट से बचने के लिए पर्याप्त एलपीजी और तेल भंडार सुनिश्चित करना चाहिए था: ममता
प्रशांत
- 11 Mar 2026, 10:51 PM
- Updated: 10:51 PM
(फाइल फोटो सहित)
कोलकाता, 11 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एलपीजी आपूर्ति में कमी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और उस पर रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
एक बांग्ला समाचार चैनल से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को ऊर्जा आपूर्ति में मौजूदा व्यवधानों के मद्देनजर पाबंदी लगाने से पहले देश में एलपीजी, तेल और गैस के पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने चाहिए थे।
उन्होंने कहा, ''केंद्र सरकार को पहले एलपीजी, तेल और गैस के पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने चाहिए थे। उन्होंने स्थिति से निपटने के लिए उचित योजना बनाए बिना प्रतिबंध लगा दिए हैं।''
एलपीजी की आपूर्ति में देरी की खबरों के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्थिति से निपटने के तरीकों पर चर्चा करने और संभावित विकल्पों का पता लगाने के लिए बृहस्पतिवार को राज्य सचिवालय में एलपीजी डीलरों और अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक करेंगी।
बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय परेशानी के बावजूद उपभोक्ताओं को सहायता देने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि यदि आपूर्ति सीमित रहती है तो केवल वित्तीय सहायता से समस्या का समाधान नहीं होगा।
बनर्जी ने कहा, "हमारी सरकार वित्तीय समस्याओं से जूझ रही है, फिर भी हम लोगों की मदद करने की कोशिश कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मैं सब्सिडी देना चाहती हूं, लेकिन अगर गैस ही उपलब्ध नहीं है तो उससे भी ज्यादा मदद नहीं मिलेगी।"
उन्होंने उपभोक्ताओं में फैली घबराहट का कारण हाल में लिए गए उस फैसले को बताया जिसमें एलपीजी बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतराल अनिवार्य कर दिया गया है। बनर्जी ने कहा कि इस घोषणा ने उपयोगकर्ताओं के बीच अनावश्यक भय पैदा कर दिया है।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र ऊर्जा संकट से उत्पन्न मुद्दों को सुलझाने के बजाय राजनीति पर अधिक ध्यान दे रहा है।
उन्होंने कई राज्यों में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए कहा, ''केंद्र सरकार एसआईआर करा सकती है और मतदाताओं के नाम हटा सकती है, लेकिन वह देश के गैस और तेल भंडार का प्रबंधन नहीं कर सकती।''
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार के पास उभरते संकट से निपटने के लिए उचित नीति का अभाव अप्रत्यक्ष रूप से कालाबाजारियों को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार के पास उचित नीति का अभाव है और यह अप्रत्यक्ष रूप से कालाबाजारियों की मदद कर रहा है।''
भाषा आशीष प्रशांत
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