रसोई गैस की किल्लत: ममता बनर्जी ने राज्य की रिफाइनरी से स्थानीय मांग पर ध्यान देने को कहा
नरेश
- 11 Mar 2026, 08:02 PM
- Updated: 08:02 PM
(फाइल फोटो सहित)
कोलकाता, 11 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य की रिफाइनरी को रसोई गैस की स्थानीय स्तर पर मांग को पूरा करने को प्राथमिकता देने का बुधवार को निर्देश दिया और आग्रह किया कि राज्य के भीतर उत्पादित एलपीजी को फिलहाल बाहर न भेजा जाए।
उन्होंने कहा, ''अगर खाना पकाने के गैस सिलेंडर राज्य से बाहर चले जाते हैं, तो संकट के समय हम उन्हें वापस नहीं ला पाएंगे। हमें सबसे पहले अपने घरों का ख्याल रखना होगा।''
बनर्जी ने शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अलीपुर इलाके के सौजन्य में तेल और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से यह बात कही।
उन्होंने विशेष रूप से हल्दिया, कोलाघाट और दुर्गापुर की रिफाइनरी से घरों और आवश्यक सेवाओं को रसोई गैस की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैस की किल्लत की आशंका से जनता में फैली घबराहट ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा, "कई लोगों का मानना है कि अगर सिलेंडर खत्म हो जाता है, तो उन्हें नया सिलेंडर मिलने में 25 दिन तक का इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे संदेशों ने व्यापक घबराहट फैला दी है।''
इससे पहले, बनर्जी ने एलपीजी आपूर्ति में कमी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और उस पर पश्चिम एशिया संकट के कारण देश में खाना पकाने की गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कमी के बीच पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
एक बांग्ला समाचार चैनल से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को ऊर्जा आपूर्ति में मौजूदा व्यवधानों के मद्देनजर पाबंदी लगाने से पहले देश में एलपीजी, तेल और गैस के पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने चाहिए थे।
उन्होंने कहा, ''केंद्र सरकार को पहले एलपीजी, तेल और गैस के पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने चाहिए थे। उन्होंने स्थिति से निपटने के लिए उचित योजना बनाए बिना प्रतिबंध लगा दिए हैं।''
बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र ऊर्जा संकट से उत्पन्न मुद्दों को सुलझाने के बजाय राजनीति पर अधिक ध्यान दे रहा है।
उन्होंने कई राज्यों में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए कहा, ''केंद्र सरकार एसआईआर करा सकती है और मतदाताओं के नाम हटा सकती है, लेकिन वह देश के गैस और तेल भंडार का प्रबंधन नहीं कर सकती।''
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार के पास उभरते संकट से निपटने के लिए उचित नीति का अभाव अप्रत्यक्ष रूप से कालाबाजारियों को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार के पास उचित नीति का अभाव है और यह अप्रत्यक्ष रूप से कालाबाजारियों की मदद कर रहा है।''
भाषा आशीष नरेश
नरेश
1103 2002 कोलकाता