मांडविया ने भारत में एफ1 की वापसी के लिए प्रयास शुरू किए, एफएमएससीआई अधिकारियों से मिले
पंत
- 11 Mar 2026, 01:11 PM
- Updated: 01:11 PM
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देश में फॉर्मूला वन की वापसी के अपने प्रयासों के तहत भारतीय मोटरस्पोर्ट्स महासंघ (एफएमएससीआई) के अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें ड्राइवरों और तकनीशियनों की मजबूत टीम तैयार करने पर चर्चा की गई।
यह बैठक हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित की गई थी और इसमें खेल सचिव हरि रंजन राव, संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल और एफएमएससीआई परिषद के सदस्य विक्की चंडोक आदि उपस्थित थे।
मांडविया ने हाल में ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का दौरा किया था, जहां 2011 से 2013 तक एफ1 रेस आयोजित की गई थीं। कर संबंधी मामलों के कारण यह रेस बंद करनी पड़ी थी।
भारत में पिछली रेस के समय एफएमएससीआई के अध्यक्ष रहे चंडोक ने पीटीआई से कहा, ''हमने भारत में फॉर्मूला वन और मोटोजीपी के आयोजन की संभावना पर चर्चा की। मंत्रालय इसको लेकर बेहद उत्सुक है और उसकी राय बिल्कुल स्पष्ट है कि भारत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है इसलिए यहां सर्वश्रेष्ठ खेल भी होने चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''वे चुनौतियों को समझना चाहते थे और एफएमएससीआई से बात करके हमारी संगठनात्मक क्षमता देखना चाहते थे। खेल मंत्री और पूरा मंत्रालय हमारा समर्थन करने के लिए तैयार हैं।''
मांडविया ने कुछ सप्ताह पहले सर्किट के अपने दौरे के दौरान जब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ देश में मोटरस्पोर्ट्स के बुनियादी ढांचे के भविष्य के बारे में चर्चा की, तो यह बात स्पष्ट हो गई कि वह इस रेस की वापसी के लिए उत्सुक हैं।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया, ''एफएमएससीआई प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा में खिलाड़ियों, इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों के लिए व्यवस्थित ढांचा तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।''
विश्वसनीय सूत्रों से यह भी पता चला है कि एफएमएससीआई ने मांडविया और फॉर्मूला वन प्रबंधन के बीच बैठक की पेशकश की है। फॉर्मूला वन का नेतृत्व अभी फेरारी टीम के पूर्व प्रमुख स्टेफानो डोमेनिकाली कर रहे हैं।
भारत खुद को एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। वह 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी हासिल कर चुका है जो अहमदाबाद में आयोजित किए जाएंगे। भारत 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की दौड़ में भी शामिल है।
नरेन कार्तिकेयन भारत के पहले फॉर्मूला वन ड्राइवर थे। उनके बाद करुण चंडोक ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
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