सपा और द्रमुक सांसदों ने कहा: बिरला बेहतर इंसान, कर्तव्यों की याद दिलाने के लिए लाया गया संकल्प
हक
- 10 Mar 2026, 05:48 PM
- Updated: 05:48 PM
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) लोकसभा में मंगलवार को समाजवादी पार्टी और द्रमुक के सदस्यों ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बेहतर इंसान हैं और सभी को समान अवसर देते हैं, लेकिन उनके खिलाफ संकल्प इसलिए लाया गया है ताकि पद पर आसीन व्यक्ति को कर्तव्यों की याद दिलाई जा सके।
लोकसभा में अध्यक्ष बिरला के खिलाफ विपक्ष के संकल्प पर चर्चा में भाग लेते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के राजीव राय ने कहा, ''मैं लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए सम्मान व्यक्त करता हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से भी बिरला जी को बेहतर इंसान मानता हूं।''
उन्होंने कहा कि अध्यक्ष का पद गरिमामयी होता है और उन पर अंगुलि उठाना किसी व्यक्ति विशेष पर आक्षेप लगाना नहीं होता।
राय ने कहा, ''कोई भी इस बात से खुश नहीं होगा कि लोकसभा अध्यक्ष को हटाया जाए। लेकिन ऐसी परिस्थितियां पैदा करने वाली सरकार है। लोकसभा अध्यक्ष की संस्था को कमजोर करने की जिम्मेदारी सरकार की है।''
उन्होंने कहा कि 2019 से लोकसभा उपाध्यक्ष पद पर चुनाव नहीं कराके भी सरकार ने उचित नहीं किया है।
राय ने कहा कि आज की चर्चा और मतदान का परिणाम भी सब जानते हैं कि लोकसभा अध्यक्ष को हटाया नहीं जा सकता क्योंकि बहुमत सत्तापक्ष के पास है, लेकिन यह चर्चा इसलिए हो रही है कि आसन की मजबूती के लिए बात हो सके।
सपा सांसद ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी सदस्यों के सदन में बोलने के समय माइक बंद होने के विपक्ष के आरोपों के संदर्भ में यह भी कहा, ''मैं व्यक्तिगत रूप से यह भी मानता हूं कि नेता प्रतिपक्ष जितने ज्यादा सदन में रहें, उतना हस्तक्षेप कर पाएंगे। लेकिन फिर माइक वाली बात आती है। मैं यह तो जरूर जानना चाहूंगा कि माइक यदि आसन के कहने से बंद नहीं होता तो उस समय चालू कैसे रहता है जब सत्तापक्ष के सदस्य पूर्व प्रधानमंत्रियों की आलोचना करते हैं और जब विपक्ष के सदस्य बोलते हैं तो माइक कैसे बंद हो जाता है।''
सदन में द्रमुक के नेता टी आर बालू ने भी कहा कि जिस तरह लोकसभा के इतिहास में पहले भी तीन बार अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और उन्हें हटाया नहीं जा सका, उसी तरह आज भी बिरला को पद से तो नहीं हटाया जा सकता, लेकिन ''हमारा कर्तव्य है कि लोककभा अध्यक्ष को कर्तव्यों की याद दिलाएं।''
उन्होंने कहा, ''बिरला बहुत अच्छे व्यक्ति हैं।''
बालू ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष बनने के बाद अगस्त, 2019 में बिरला ने खुद एक साक्षात्कार में कहा था कि ''सदन बहुमत से नहीं आम सहमति से चलता है।''
द्रमुक सांसद ने कहा, ''मेरी उम्मीद है कि उन्हें ये शब्द याद होंगे और भविष्य में इनका पालन करेंगे।''
भाषा वैभव हक
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