प्लास्टिक के प्रसंस्करण, पुन:चक्रण तथा पुन:उपयोग करने पर जोर देने की मांग उठी रास में
वैभव
- 10 Mar 2026, 05:18 PM
- Updated: 05:18 PM
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) प्लास्टिक के खतरे के बारे में जागरुकता फैलाने की जरूरत रेखांकित करते हुए राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने कहा कि इसका प्रसंस्करण, पुन:चक्रण तथा पुन:उपयोग करने पर न केवल लोगों को रोजगार मिलेगा बल्कि इसके दुष्प्रभावों से भी बचा जा सकेगा।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान भाजपा के मदन राठौर ने कहा कि देश में लगभग 30.5 लाख टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है लेकिन उसमें से केवल नौ फीसदी का ही निपटान हो पाता है।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक न केवल हमारे जीवन की हर जरूरत में घुसपैठ कर चुका है बल्कि अब यह हमारे शरीर के अंदर भी पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग कई तरह से हो रहा है लेकिन बाद में यह गंभीर समस्या बन जाता है।
राठौर ने कहा ''लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल फोन भी एक समय पर कचरा बन जाते हैं और इनका निपटान मुश्किल समस्या है।''
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का प्रसंस्करण, पुन:चक्रण कर इसका पुन:उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए औद्योगिक इकाई स्थापित की जाए तो लोगों को न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि प्लास्टिक का निपटान होने से मानव तथा पशुओं को भी इसके दुष्प्रभाव से बचाया जा सकेगा।
भाजपा की किरण चौधरी ने कहा कि दवाओं की निर्माण लागत और विक्रय की लागत में बहुत अंतर होता है। उन्होंने कहा, ''बीमारी से जूझ रहे मरीज को तो महंगी दवा खरीदना ही पड़ता है। जेनेरिक दवाएं दो सौ गुना महंगी होती हैं जबकि उनकी मांग अधिक होती है।''
उन्होंने कहा कि मधुमेह, रक्त चाप जैसी समस्याओं के लिए दवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और सरकार को दवाओं की कीमत के नियमन के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए।
इसी पार्टी के घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि देश में व्यापक स्तर पर लेनदेन डिजिटल माध्यम से होता है लेकिन साइबर अपराध भी बढ़ा है।
तिवाड़ी ने कहा ''समस्या यह है कि जिसके खाते से पैसे निकाले जाते हैं, शिकायत करने पर जांच के तहत उसके ही खाते को फ्रीज किया जाता है। प्राथमिकी दर्ज होती है और लंबे समय तक खाता खुल नहीं पाता है।''
उन्होंने मांग की कि 'फ्रीज' किए गए खाते तीन-चार दिन के अंदर खोलने की और साइबर अपराध के मामलों में सात दिन के अंदर जांच करने की व्यवस्था की जाए।
शून्यकाल में ही भाजपा के केसरीदेव सिंह झाला, भीम सिंह, राधा मोहन दास, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुभाष चंद्र बोस पिल्ली, बीजद के निरंजन बिशी, देवाशीष सामंत राय, मानस रंजन मंगराज, जद(यू) के खीरू महतो, अन्नाद्रमुक के डॉ एम धनपाल और एमएनएफ के सदस्य के वेंलेल्वना ने भी आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव
1003 1718 संसद