राज्यसभा : जयशंकर के बयान के दौरान विपक्ष के बहिर्गमन पर नड्डा ने कसा तंज
वैभव
- 09 Mar 2026, 03:53 PM
- Updated: 03:53 PM
( तस्वीर सहित )
नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राज्यसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान के दौरान हंगामा करने और सदन से बहिर्गमन किए जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को आरोप लगाया कि विपक्ष केवल ''अराजकता'' फैलाना चाहता है।
उच्च सदन में राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने ''पश्चिम एशिया में हालात'' पर बयान देने के लिए विदेश मंत्री जयशंकर का नाम पुकारा।
इसी बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। आसन से अनुमति मिलने पर खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे संघर्ष में वृद्धि से देश की आर्थिक स्थिरता प्रभावित होगी और वहां कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं आजीविका के लिए खतरा पैदा करेगी।
खरगे ने कहा, ''मैं ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक स्थिति के प्रभाव पर एक संक्षिप्त चर्चा का अनुरोध करता हूं।''
उन्होंने कहा ''पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही राजनीतिक स्थिति अब वहीं तक सीमित नहीं है। इसका असर भारत की ऊर्जा स्थिति पर और उसकी साख पर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल जरूरत का 55 फीसदी तेल आयात करता है। निश्चित रूप से पश्चिम एशिया के हालात से हमारी अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी।''
खरगे ने कहा कि ईरान तथा खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ से अधिक भारतीय काम करते हैं तथा हाल की घटनाओं में कुछ भारतीय नागरिक भी मारे गए हैं।
सभापति ने खरगे से कहा कि वह बाद में उन्हें बात रखने की अनुमति देंगे। उन्होंने जयशंकर को बयान देने के लिए कहा।
जयशंकर के बयान शुरू करने पर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद खरगे को अपनी बात रखने देने और संक्षिप्त चर्चा की अनुमति देने की मांग करते रहे। आसन की ओर से अनुमति न दिए जाने पर विपक्ष के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
जयशंकर ने अपना बयान दिया। इसके बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार को ''असंवेदनशील तथा गैरजिम्मेदाराना'' करार दिया और कहा कि उनका उद्देश्य केवल ''अराजकता फैलाना'' है।
उन्होंने कहा, ''विपक्ष का उद्देश्य केवल अराजकता फैलाना और संकीर्ण राजनीति करना है। संसद में उनकी कोई रुचि नहीं है।''
नड्डा ने यह भी कहा कि विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों पर बहस और चर्चा की मांग करते हैं लेकिन चर्चा का जब मंत्री जवाब देते हैं तो विपक्षी दल उनका बहिष्कार करते हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इससे पहले एसआईआर, ऑपरेशन सिंदूर, वक्फ़ विधेयक और केंद्रीय बजट पर महत्वपूर्ण चर्चाओं का भी बहिष्कार किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विपक्ष की यह ''संकीर्ण राजनीति'' सफल नहीं हो सकती और वे खुद समय के साथ कमजोर होते जाएंगे।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव
0903 1553 संसद