भाजपा समर्थित राज्यसभा उम्मीदवार दिलीप ने बीजू पटनायक को अपना गुरु बताया, बीजद ने आपत्ति जताई
अमित
- 08 Mar 2026, 11:30 PM
- Updated: 11:30 PM
भुवनेश्वर, आठ मार्च (भाषा) ओडिशा के विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने भाजपा समर्थित राज्यसभा उम्मीदवार दिलीप रे के उस बयान पर रविवार को कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक को अपना गुरु बताया और सभी दलों से वोट मांगे।
बीजद ने आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हैं जो बीजू पटनायक की विरासत को नष्ट कर रही है। बीजू पटनायक को आदरपूर्वक 'बीजू बाबू' कहा जाता है।
दिलीप रे ने पटनायक की जयंती पांच मार्च को नामांकन पत्र दाखिल किया।
रे ने एक पोस्ट में कहा, ''आज मेरे गुरु बीजू बाबू की जयंती पर भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करते हुए, मेरा हृदय असीम भावनाओं से भरा हुआ है।''
उन्होंने विभिन्न दलों में बीजू पटनायक के सभी समर्थकों से उनका समर्थन करने की अपील भी की।
ओडिशा से राज्यसभा की चार सीट के लिए पांच मार्च को कुल पांच उम्मीदवारों - भाजपा और बीजद से दो-दो और रे ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इससे क्रॉस-वोटिंग की आशंका बढ़ गई है क्योंकि चौथी सीट जीतने के लिए ना तो सत्ताधारी दल और ना ही विपक्ष के पास आवश्यक संख्या बल है।
बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ''राय राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से बीजू बाबू को अपना गुरु बता रहे हैं। लेकिन वे एक ऐसी पार्टी से जुड़े हैं जो लगातार इस महान नेता का अपमान करती रही है।''
मोहंती ने दावा किया कि 2024 में ओडिशा में भाजपा की सरकार बनने के बाद बीजू पटनायक की कई प्रतिमाओं को तोड़ा गया और कुछ को आग लगा दी गई।
मोहंती ने कहा कि राज्य के लोग जानते हैं कि होटल व्यवसायी दिलीप रे एक नेता से कहीं अधिक एक व्यापारी हैं। मोहंती ने कहा, ''उनकी राजनीति में रुचि राज्य के कल्याण के लिए नहीं बल्कि अपने व्यवसाय के हित के लिए है।''
रे वर्ष 2002 में क्रॉस-वोटिंग के जरिए राज्यसभा चुनाव जीते थे और उन्हें चुनाव जीतने के लिए आठ और विधायकों के समर्थन की जरूरत है।
बीजद के उम्मीदवार संतृप्त मिश्रा और जाने-माने यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता ने भी पांच मार्च को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
होता को उम्मीद है कि उन्हें बीजद का 18, कांग्रेस का 14 और माकपा का एक वोट मिलेगा। 147 सदस्यीय विधानसभा में मौजूदा संख्या के अनुसार, चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 30 वोट की आवश्यकता होगी। राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होगा।
भाषा संतोष अमित
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