ममूटी के वायनाड दौरे को लेकर ऑनलाइन हमलों के बीच माकपा नेताओं ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी
सुभाष
- 08 Mar 2026, 07:30 PM
- Updated: 07:30 PM
तिरुवनंतपुरम, आठ मार्च (भाषा) वायनाड में नवनिर्मित उपनगर के दौरे के बाद मलयालम अभिनेता ममूटी के खिलाफ ऑनलाइन हमलों की खबरों के बीच, सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को इसे ज्यादा तवज्जो देने की कोशिश नहीं की।
शनिवार को नगर के अपने निजी दौरे के दौरान पार्टी के वायनाड जिला सचिव के. रफीक के अभिनेता के निकट आने पर ममूटी ने कथित तौर पर नाराजगी व्यक्त की।
खबरों के मुताबिक, आम तौर पर माकपा समर्थक माने जाने वाले अभिनेता ने रफीक से पूछा कि वह उनके इतने करीब क्यों खड़े हैं और कहा कि लोगों को ऐसा लग सकता है कि वह सत्तारूढ़ पार्टी के लिए वहां आए हैं।
इसके बाद, अभिनेता को कथित तौर पर वामपंथी झुकाव वाले सोशल मीडिया खातों से तीखे ऑनलाइन हमलों का सामना करना पड़ा।
माकपा के नेता और मंत्रियों पी. ए. मोहम्मद रियास और पी. राजीव ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी, लेकिन सीधे तौर पर कोई जवाब देना उचित नहीं समझा।
एक टीवी चैनल से बात करते हुए रियास ने कहा कि माकपा के जिला सचिव बेवजह किसी जगह नहीं जाते हैं।
उन्होंने कहा कि रफीक एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिन्होंने वायनाड में भूस्खलन के बाद राहत और पुनर्वास गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया था और वह उसी हैसियत से शनिवार को उपनगर गए थे।
इस बीच, मंत्री राजीव ने कोच्चि में पत्रकारों से बात करते हुए, व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उपनगर का दौरा करने के लिए ममूटी की प्रशंसा की और कहा कि उनके इस दौरे से भूस्खलन पीड़ितों के लिए सरकार की उपनगर परियोजना को और अधिक पहचान मिली है।
हालांकि, कांग्रेस नेता चेरियन फिलिप ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर ममूटी के खिलाफ माकपा समर्थकों द्वारा किया गया साइबर हमला ''क्रूर'' था।
एक बयान में फिलिप ने कहा कि ये हमले उस वक्त शुरू हुए, जब ममूटी ने कहा कि उपनगर का निर्माण केरल के सभी वर्गों के लोगों से संबंधित सार्वजनिक धन का उपयोग करके किया गया था।
फिलिप ने यह भी आरोप लगाया कि जब अभिनेता ने निजी दौरा किया, तो कुछ माकपा नेताओं ने इसे पार्टी के प्रचार का जरिया बनाने की कोशिश की, जिसके कारण अभिनेता ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि ममूटी केरल की जनता के लिए गर्व का विषय हैं और उन्होंने उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के प्रयासों की आलोचना की।
बाद में दिन में, रफीक ने फेसबुक पर एक पोस्ट कर सभी से इस मुद्दे से संबंधित बहस और तर्क-वितर्क समाप्त करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि ममूटी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया और इन मामलों को स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा, ''ममूटी ने व्यक्तिगत रूप से मुझे स्पष्ट किया है कि उनका मुझे अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था'', और उन्होंने सभी से इस मुद्दे से संबंधित सभी तरह की बहस को समाप्त करने का आग्रह किया।
भाषा प्रशांत सुभाष
सुभाष
0803 1930 तिरुवनंतपुरम