बंगाल सरकार के आचरण पर राष्ट्रपति की नाराजगी के बाद भाजपा ने तृणमूल पर साधा निशाना
अमित
- 08 Mar 2026, 12:32 AM
- Updated: 12:32 AM
नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 'अपमान' करके अपने अराजक व्यवहार से और नीचे चली गई है। पार्टी ने इसे आदिवासी समाज और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का भी अपमान बताया।
भाजपा ने कहा कि यह बेहद 'चिंताजनक और परेशान करने वाला' है कि राष्ट्रपति मुर्मू को सिलीगुड़ी दौरे के दौरान अपर्याप्त व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल में गंभीर चूक पर चिंता व्यक्त करनी पड़ी।
भाजपा की यह प्रतिक्रिया राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा राज्य में आयोजित संथाल सम्मेलन के स्थल में बदलाव और उनकी यात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद आई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार आज अपने अराजक व्यवहार से और भी निचले स्तर पर गिर गई। उसने प्रोटोकॉल की पूरी तरह अनदेखी करके राष्ट्रपति का अपमान किया।''
उन्होंने कहा, "...तृणमूल सरकार न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का मनमाने ढंग से उल्लंघन करती है, बल्कि राष्ट्रपति को भी नहीं बख्शती।"
शाह ने कहा कि भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद का "अपमान", वह भी आदिवासी बहनों और भाइयों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में, राष्ट्र और उन मूल्यों का अपमान है जो भारत के संवैधानिक लोकतंत्र की पहचान हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संथाल समुदाय को उनके अपने अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से दूर रखने वाली व्यवस्थाओं के जरिए तृणमूल सरकार ने न केवल उनकी भावनाओं की अवहेलना की, बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई।
सिंह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "राष्ट्रपति के प्रति सम्मान केवल औपचारिक शिष्टाचार नहीं है... भारत की जनता, विशेष रूप से हमारे आदिवासी भाई-बहन, इस असंवेदनशील आचरण और उनकी संस्कृति और राष्ट्रपति पद के इस अपमान के लिए जवाब के हकदार हैं।"
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी तृणमूल सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद का "अपमान" केवल मर्यादा का उल्लंघन नहीं बल्कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा पर भी आघात है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा, ''यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र, मातृत्व की भावना और आदिवासी समाज की पहचान पर एक धब्बा है।''
पश्चिम बंगाल के भाजपा सह-प्रभारी अमित मालवीय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में आज की घटनाएं ममता बनर्जी सरकार के तहत ''संवैधानिक ढांचे के पूर्ण पतन'' की ओर इशारा करती हैं।
उन्होंने कहा, ''एक दुर्लभ और अभूतपूर्व घटनाक्रम में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिलीगुड़ी यात्रा के दौरान तैयारियों और प्रोटोकॉल के अभाव पर नाराजगी व्यक्त की। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संथाली सम्मेलन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया, जहां राष्ट्रपति मुख्य अतिथि थीं।''
भाषा
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