उप्र एसआईआर: दावे-आपत्ति अवधि में नाम जोड़ने के लिए करीब 70 लाख, हटाने के लिए 2.68 लाख प्रपत्र मिले
सुरेश
- 07 Mar 2026, 03:50 PM
- Updated: 03:50 PM
लखनऊ, सात मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत छह जनवरी से छह मार्च के बीच मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए प्रपत्र-6 के माध्यम से 70.69 लाख से अधिक दावे और प्रपत्र-7 के माध्यम से 2.68 लाख आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने शनिवार को यह जानकारी दी।
रिनवा ने यहां लोक भवन में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि दो महीने के 'दावे और आपत्ति' अवधि के दौरान प्रपत्र-छह के माध्यम से 70,69,810 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 35,72,603 प्रपत्र महिलाओं और 34,96,911 पुरुषों द्वारा प्रस्तुत किए गए। यह दर्शाता है कि महिलाओं के आवेदनों की संख्या पुरुषों से अधिक है। तृतीय लिंग मतदाताओं ने इसके तहत 296 आवेदन प्रस्तुत किये।
उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर, 2025 से (जब पुनरीक्षण प्रक्रिया की घोषणा की गई थी) राज्य को प्रपत्र-छह के रूप में 86,69,073 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें पुरुषों से मिले 43,06,364, महिलाओं से मिले 43,62,323 और तीसरे लिंग के मतदाताओं से मिले 386 आवेदन शामिल हैं।
रिनवा ने नामावलियों से नाम हटाने की आपत्तियों के संबंध में कहा कि छह जनवरी से छह मार्च के बीच प्रपत्र-सात के तहत 2,68,682 आवेदन जमा किए गए थे। इनमें से 1,58,027 प्रपत्र पुरुष मतदाताओं, 1,10,645 प्रपत्र महिला मतदाताओं और 10 प्रपत्र तीसरे लिंग के मतदाताओं के नाम हटाने के संबंध में हैं।
उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर, 2025 से छह मार्च, 2026 तक प्रपत्र-सात के अंतर्गत कुल 3,18,140 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पुरुष मतदाताओं के लिए 1,86,362, महिला मतदाताओं के लिए 1,31,766 और तीसरे लिंग के मतदाताओं के लिए 12 आवेदन शामिल हैं।
रिनवा ने कहा कि छह जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाता थे, जिनमें 6.88 करोड़ पुरुष (54.8 प्रतिशत), 5.67 करोड़ महिलाएं (45 प्रतिशत) और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता (0.01 प्रतिशत) शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनके विवरण के सत्यापन की आवश्यकता है।
रिनवा ने कहा, ''अब तक, लगभग 2.80 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है।''
प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने राज्य भर में 5,621 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था की और मतदाताओं की सहायता के लिए 'हेल्प-डेस्क' स्थापित किए।
उन्होंने कहा कि बूथ स्तर के अधिकारियों ने भी घरों का दौरा किया और एक मोबाइल ऐप्लिकेशन का उपयोग करके सत्यापन किया।
रिनवा ने कहा, ''लगभग 14 प्रतिशत सुनवाई अब भी लंबित है, लेकिन काम की मौजूदा गति को देखते हुए प्रक्रिया 27 मार्च की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी होने की उम्मीद है।''
उन्होंने यह भी कहा कि 27 अक्टूबर, 2025 और छह मार्च, 2026 के बीच सुधार, पते में बदलाव और मतदाता पहचान पत्र बदलने के लिए कुल 22,55,473 'प्रपत्र-आठ' आवेदन प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि इनमें से 1,56,313 आवदेन पते में बदलाव के लिए, 20,25,611 आवेदन मतदाता सूची में प्रविष्टियों में सुधार और 71,536 आवेदन मतदाता पहचान पत्र बदलने से संबंधित थे, जबकि 2,013 आवेदन विकलांग व्यक्तियों की पहचान से जुड़े थे।
छह जनवरी से छह मार्च तक दावों और आपत्तियों की अवधि के दौरान, प्रपत्र-आठ के तहत कुल 16,33,578 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पते में बदलाव के लिए 1,12,877, प्रविष्टियों में सुधार के लिए 14,88,115, मतदाता पहचान पत्र बदलने के लिए 31,602 और विकलांग व्यक्तियों की पहचान से संबंधित 984 आवेदन शामिल हैं।
रिनवा ने बताया कि एसआईआर के दिशा-निर्देशों के तहत छह जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बिना कोई नोटिस जारी किए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा पारित तर्कसंगत आदेश के बिना कोई भी नाम नहीं हटाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने के बाद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ पांच बैठकें कीं, ताकि उन्हें नवीनतम दिशानिर्देशों और प्रक्रिया की प्रगति के बारे में जानकारी दी जा सके।
उन्होंने कहा कि बैठकें 29 अक्टूबर, 2025, 19 नवंबर, 2025, 10 दिसंबर, 2025, पांच जनवरी, 2026 और 27 जनवरी, 2026 को आयोजित की गईं।
चार नवंबर से 26 दिसंबर, 2025 तक गणना चरण और दावों एवं आपत्तियों की अवधि के दौरान, राज्य भर में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कुल 3,090 बैठकें आयोजित की गईं, ताकि उन्हें प्रक्रियाओं के बारे में सूचित किया जा सके और उनका सहयोग लिया जा सके।
रिनवा ने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,82,877 बूथ स्तर के एजेंट ने पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया। दावों और आपत्तियों की अवधि के दौरान, इन एजेंट ने प्रपत्र-छह संबंधी 40,669 आवेदन और प्रपत्र-सात संबंधी 1,805 आवेदन जमा किए।
उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की सुविधा के लिए 11 जनवरी, 18 जनवरी, 31 जनवरी और 22 फरवरी को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर चार विशेष अभियान दिवस आयोजित किए गए थे। मतदाताओं की सहायता के लिए बूथ स्तर के अधिकारी आवश्यक प्रपत्रों और मतदाता सूचियों के प्रारूप के साथ मतदान केंद्रों पर मौजूद थे।
रिनवा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल पर 27 अक्टूबर, 2025 और छह मार्च, 2026 के बीच 92,497 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 91,790 यानी 99.24 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि मतदाता, आयोग के पोर्टल और मोबाइल ऐप्लिकेशन पर उपलब्ध "बुक ए कॉल विद बीएलओ" सुविधा के माध्यम से सीधे अपने बूथ स्तर के अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा, निर्वाचन आयोग ने नागरिकों के प्रश्नों और शिकायतों के समाधान के लिए संशोधन प्रक्रिया के दौरान 'हेल्पलाइन' के साथ एक राज्य संपर्क केंद्र और जिला संपर्क केंद्र संचालित किए।
रिनवा ने बताया कि आयोग के जन शिकायत निवारण प्रणाली प्रकोष्ठ को भी पुनरीक्षण अवधि के दौरान 409 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से सभी का समाधान कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से 92 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें समाजवादी पार्टी की 78, भारतीय जनता पार्टी की आठ, कांग्रेस की पांच और आम आदमी पार्टी की एक शिकायत शामिल है और उन सभी का निस्तारण कर दिया गया है।
भाषा किशोर जफर सुरेश
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