डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पत्रकार की हत्या के मामले में बरी
देवेंद्र
- 07 Mar 2026, 01:26 PM
- Updated: 01:26 PM
चंडीगढ़, सात मार्च (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक पत्रकार की हत्या के 2002 के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया है। डेरा प्रमुख के वकील जितेंद्र खुराना ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अदालत ने डेरा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के सात साल से अधिक समय बाद बरी किया।
खुराना ने कहा, ''मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शनिवार को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उन्हें बरी कर दिया।''
उन्होंने कहा कि इस मामले में 2019 की सजा को चुनौती देने वाली अपीलों की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।
खुराना ने कहा, ''बहरहाल पीठ ने मामले में तीन अन्य आरोपियों की सजा बरकरार रखी है।''
पत्रकार के बेटे अंशुल छत्रपति ने कहा कि वह इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
राम रहीम और तीन अन्य को जनवरी 2019 में पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने हरियाणा के सिरसा में पत्रकार की हत्या के मामले में दोषी ठहराया था।
छत्रपति को अक्टूबर 2002 में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी, जब उनके अखबार 'पूरा सच' ने एक गुमनाम पत्र प्रकाशित किया था जिसमें सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में महिला अनुयायियों के कथित यौन शोषण का जिक्र किया गया था।
पत्रकार की बाद में मृत्यु हो गई थी और एक मामला दर्ज किया गया जिसमें राम रहीम को साजिशकर्ता के रूप में नामित किया गया। यह मामला 2006 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया था।
डेरा प्रमुख अभी रोहतक की सुनारिया जेल में है। वह अपनी दो शिष्याओं के दुष्कर्म के जुर्म में 2017 में दी गयी 20 साल की जेल की सजा काट रहा है।
अंशुल छत्रपति ने डेरा प्रमुख को बरी किए जाने के इस फैसले को अपने परिवार के लिए एक ''झटका'' बताया।
उन्होंने कहा, ''यह हमारे लिए एक झटका है, लेकिन हमारे पास जो भी कानूनी उपाय हैं, हम उनका इस्तेमाल करेंगे। हम इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे। हमें उम्मीद है कि जांच एजेंसी सीबीआई भी उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देगी।''
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मई 2024 में मामले की ''अधूरी'' जांच का हवाला देते हुए 2002 में डेरा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में राम रहीम और चार अन्य को बरी कर दिया था।
इससे पहले, सीबीआई की एक विशेष अदालत ने उन्हें इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने राम रहीम को सह-आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया था।
भाषा गोला देवेंद्र
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