इजराइल ने ईरान और लेबनान पर कई हमले किये
नरेश
- 06 Mar 2026, 08:08 PM
- Updated: 08:08 PM
दुबई, छह मार्च (एपी) इजराइल ने शुक्रवार को ईरान और लेबनान की राजधानियों पर हवाई हमले किये जबकि अमेरिका ने ईरान के युद्धपोतों के बेड़े के खिलाफ अपने निरंतर अभियान के तहत समुद्र में एक ईरानी ड्रोन वाहक पोत पर हमला किया।
ईरान ने पूरे सप्ताह चली बमबारी के बाद पश्चिम एशिया में फिर से जवाबी हमले शुरू कर दिये। इन हमलों के बारे में अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि बमबारी ''तेजी से बढ़ने वाली है''।
इजराइल की सेना ने शुक्रवार की सुबह कहा कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान पर ''बड़े पैमाने पर हवाई हमले'' शुरू कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने इजराइली हवाई हमलों को बहुत तेज बताया, जिससे इलाके में स्थित कई आवासीय इमारतों में कंपन हुआ। अन्य लोगों ने ईरान के करमानशाह शहर के आसपास विस्फोटों की सूचना दी है।
इजराइली सेना ने कहा कि हमलों में ईरान के ज्यादातर हवाई रक्षा प्रणाली और मिसाइल लॉन्चर नष्ट हो चुके हैं।
इस युद्ध से पश्चिम एशिया में स्थित विभिन्न देश प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार की सुबह ईरान ने कुवैत, कतर, सऊदी अरब और बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन हमले किये। इसमें किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।
इजराइल ने लेबनान में बृहस्पतिवार देर रात से शुक्रवार की सुबह तक बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और अन्य क्षेत्रों में कई हवाई हमले किये।
अमेरिका और इजराइल के हमलों से ईरान बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इन हमलों के जरिये उसकी सैन्य क्षमताओं, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है।
इजराइल के अलावा, ईरान ने हमलों के जरिये अरब पड़ोसियों को भी निशाना बनाया है, जिससे तेल आपूर्ति बाधित हुई है और वैश्विक हवाई यात्राएं ठप हो गई हैं।
इन देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 120 से अधिक लोग और इजराइल में लगभग 12 लोग मारे गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने सभी संबंधित देशों से तनाव कम करने का आग्रह करते हुए कहा, ''दुनिया को इस आग को बुझाने और नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।''
अमेरिकी सेना ने शुक्रवार तड़के कहा कि उसने एक ईरानी ड्रोन वाहक पोत पर हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने जलते हुए विमानवाहक पोत का फुटेज जारी किया। ईरानी सेना ने हमले की तत्काल पुष्टि नहीं की।
ड्रोन वाहक पोत, आईआरआईएस शाहिद बघेरी, एक परिवर्तित कंटेनर जहाज है जिसमें ड्रोन के लिए 180 मीटर लंबा (यार्ड) रनवे है।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने विमानवाहक पोत को ''लगभग द्वितीय विश्व युद्ध के विमानवाहक पोत के आकार का'' बताया।
सप्ताह की शुरुआत में, एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट पर एक ईरानी फ्रिगेट को उस समय डुबो दिया था, जब वह भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक अभ्यास से लौट रहा था। इस घटना में कम से कम 87 नाविक मारे गये थे।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि उसने अल उदैद हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार तड़के रियाद के दक्षिण में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइल को सऊदी अरब ने रोककर नष्ट कर दिया।
कूपर ने कहा कि ईरान ने हमलों के जरिये अब तक 12 देशों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, ''वे 12 देश बिल्कुल भी खुश नहीं हैं और मैं उन सभी साझेदारों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं जो हमारे साथ जुड़ने को तैयार हैं।''
इजराइल में, ईरान से मिसाइलों के आने की चेतावनी के बाद शुक्रवार सुबह तेल अवीव में विस्फोटों की आवाज सुनी जा सकती थी, क्योंकि हवाई रक्षा प्रणालियां हमलों को रोकने के लिए काम कर रही थीं।
इजराइल ने बृहस्पतिवार देर रात और शुक्रवार तड़के बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को निशाना बनाते हुए कम से कम 11 हवाई हमले किए जिससे एक पेट्रोल पंप के निकट आग लग गई।
इजराइली सेना ने बृहस्पतिवार की शाम को चेतावनी जारी करते हुए निवासियों से आग्रह किया कि वे ''अपनी जान बचाएं और तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाये''।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच शत्रुता के फिर से शुरू होने के बाद से मरने वालों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है।
एपी
देवेंद्र नरेश
नरेश
0603 2008 दुबई