असम के कार्बी आंगलोंग में सुखोई-30 एमकेआई विमान दुर्घटना में वायु सेना के दो पायलट की मौत
माधव
- 06 Mar 2026, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) असम के कार्बी आंगलोंग जिले में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायुसेना के दो पायलट की मौत हो गई।
भारतीय वायु सेना ने रूस द्वारा निर्मित विमान के लापता होने के एक दिन बाद शुक्रवार को स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मौत की पुष्टि की।
इस लड़ाकू विमान ने बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण उड़ान के लिए जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी और कुछ ही समय बाद यह रडार से गायब हो गया था।
भारतीय वायु सेना मुख्यालय ने दुर्घटना की जांच के लिए एक जांच समिति गठित करने का आदेश दिया।
भारतीय वायु सेना ने एक संक्षिप्त बयान में बताया, "सुखोई-30 दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"
बयान में बताया गया, "भारतीय वायु सेना के सभी कर्मी शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।"
अधिकारियों ने बताया था कि बृहस्पतिवार शाम सात बजकर 42 मिनट पर विमान से संपर्क टूट गया था।
भारतीय वायु सेना ने शुक्रवार को लगभग एक बजे रडार से गायब हुए सुखोई-30 के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुखोई-30 के दुर्घटनाग्रस्त होने में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दुरागकर की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "राष्ट्र के प्रति उनके साहस व सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा। मेरी हार्दिक संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।"
यह लड़ाकू विमान, पूर्वोत्तर राज्य के तेजपुर शहर में एक स्क्वाड्रन का हिस्सा था। फ्लाइट लेफ्टिनेंट दुरागकर दस दिन पहले परिवार से मिलने के लिए नागपुर स्थित अपने घर गए थे।
उनके शोक संतप्त पिता रवींद्र दुरागकर ने बताया कि बुधवार को ही उनकी अपने बेटे से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके 28 वर्षीय बेटे ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में भाग लिया था।
गुरुग्राम में स्क्वाड्रन लीडर वशिष्ठ के निधन की खबर मिलने के बाद उनके मित्र और रिश्तेदार सेक्टर 22बी स्थित उनके घर पर इकठ्ठा हो गए।
एक पारिवारिक मित्र के अनुसार, वशिष्ठ मूल रूप से हरियाणा के भिवानी जिले के रहने वाले थे और उनका परिवार उनकी शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था।
सुखोई 30 एमकेआई रूसी विमान निर्माता सुखोई द्वारा विकसित दो सीट वाला लंबी दूरी का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। अब भारत में लाइसेंस के तहत एचएएल इसका निर्माण करता है। वायुसेना के पास 260 से अधिक सुखोई-30एमकेआई विमान हैं।
महाराष्ट्र के नासिक जिले में जून 2024 में एक सुखोई लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जनवरी 2023 में ग्वालियर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरने के बाद एक अन्य सुखोई-30 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दोनों पायलटों की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
भाषा जितेंद्र माधव
माधव
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