प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने थिम्पू में भूटान नरेश से मुलाकात की
माधव
- 05 Mar 2026, 04:47 PM
- Updated: 04:47 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बृहस्पतिवार को थिम्पू में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस दौरान भूटान में न्यायिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और विकास में तकनीकी सहायता और सर्वोत्तम प्रथाओं के विकास के लिए व्यापक समर्थन की पेशकश की।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश ने बुधवार को भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात की और न्यायिक सहयोग, कानूनी शिक्षा, तकनीकी चुनौतियों और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।
उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत और भूटान नरेश ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने और इसे आगे ले जाने के बारे में चर्चा की।
बयान में कहा गया है, ''उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत और दीर्घकालिक संबंधों पर चर्चा की और न्यायिक साझेदारी के रूप में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।''
इसमें कहा गया है, ''प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने भूटान में न्यायिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और अनुकूलन में तकनीकी सहायता और सर्वोत्तम प्रथाओं के विकास के लिए व्यापक और विस्तृत समर्थन प्रदान किया।''
एक अलग प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधान न्यायाधीश और प्रधानमंत्री तोबगे के बीच हुई चर्चा में साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी से उत्पन्न होने वाली नयी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
इसमें कहा गया है, ''न्यायिक जागरूकता, सीमा पार सहयोग और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में पहचाना गया है।''
विज्ञप्ति में कहा गया है, ''प्रधान न्यायाधीश ने भूटान की न्यायपालिका में तकनीकी आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए जारी प्रयासों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें डिजिटलीकरण और ई-फाइलिंग प्रणाली शामिल हैं, साथ ही न्यायिक प्रशासन के क्षेत्र में प्रक्रियात्मक सहायता में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक मजबूत उपकरण के रूप में शामिल करना भी शामिल है।''
इसमें कहा गया है कि दोनों नेताओं ने साइबर अपराधों के बढ़ते प्रसार पर भी विचार-विमर्श किया और इस बात पर भी चर्चा की कि भारत और भूटान एक साथ मिलकर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए क्या प्रयास कर सकते हैं।
विचार-विमर्श के दौरान, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने भूटान के 'जेएसडब्ल्यू स्कूल ऑफ लॉ' के विद्यार्थियों के लिए 'इंटर्नशिप' के अवसर उपलब्ध कराने की पेशकश की।
विज्ञप्ति में कहा गया है, ''वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक संबंधों की पुष्टि की गई और विचारों और समर्थन के आदान-प्रदान को जारी रखने के संकल्प को मजबूत किया गया।''
भाषा देवेंद्र माधव
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