दिल्ली के रिठाला में आग लगने से 100 से अधिक झुग्गियां जलकर खाक, एक लड़की का शव बरामद
रंजन
- 05 Mar 2026, 08:49 PM
- Updated: 08:49 PM
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) दिल्ली के रिठाला इलाके में बृहस्पतिवार तड़के एक झुग्गी बस्ती में भीषण आग लगने से 17 वर्षीय लड़की की मौत हो गई और 100 से अधिक झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
इस भीषण आग ने घनी आबादी वाले इलाके को तहस-नहस कर दिया, जिससे दर्जनों प्रवासी परिवार बेघर हो गए।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को आग लगने की सूचना तड़के सवा चार बजे मिली। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 18 से अधिक गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। आग बस्ती में तेजी से फैल गई थी।
आग पर काबू पाने के बाद दमकलकर्मियों ने मलबे से नाबालिग लड़की का जला हुआ शव बरामद किया। शव को बीएसए अस्पताल भेजा गया और बाद में पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया गया। मरने वाली लड़की की पहचान रोजिना खातून के तौर पर की गयी है।
अधिकारियों ने बताया कि झोपड़ियां एक-दूसरे के बहुत करीब बनी हुई थीं और उनमें से कई में प्लास्टिक की चादरें, लकड़ी के तख्ते और कपड़े जैसे अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियां थीं जिससे आग तेजी से फैली। आग पास स्थित कागज रोल एवं गत्ते के गोदाम तक फैल गई तथा कुछ घरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
इस झुग्गी बस्ती को बंगाली बस्ती के तौर पर जाना जाता है जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आए प्रवासी मजदूर रहते हैं और वे स्थानीय कारखानों व निर्माण स्थलों में काम करते हैं।
एक दमकल अधिकारी ने बताया "आवेदन मिलते ही हमारी टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। आग पहले ही कई झुग्गियों को अपनी चपेट में ले चुकी थी।"
उन्होंने कहा कि आग पर सुबह करीब 6:30 बजे तक काबू पा लिया गया।
लोगों ने बताया कि आग लगने पर उन्हें अपना सारा सामान छोड़कर वहां से भागना पड़ा और उनका सब कुछ जलकर खाक हो गया।
आग की चपेट में आए इलाके में रहने वाले बिहार के एक मजदूर रमेश कुमार ने कहा, ''आग लगते ही हम अपनी जान बचाने के लिए बाहर भागे। कुछ ही मिनट में सब कुछ जलकर राख हो गया। हमारी झोपड़ी, कपड़े, पैसे और दस्तावेज - सब कुछ राख हो गया।''
पश्चिम बंगाल की एक महिला मजदूर ने बताया कि आग ने मिनटों में सब कुछ नष्ट कर दिया, जिससे परिवारों के पास केवल वही कपड़े बचे जो उन्होंने पहन रखे थे।
उसने कहा, ''हम चीख-पुकार सुनकर जागे और हर तरफ आग थी। हम किसी तरह बच्चों को बाहर लेकर भागे। हम झोपड़ी में रखा कोई सामान नहीं बचा सके। हमारा सारा सामान जल गया।''
कुछ निवासी इस आस में अपनी जली हुई झोपड़ियों में कुछ खोजते दिखे कि शायद उनका कुछ सामान बच गया हो।
उत्तर प्रदेश से आए गए मजदूर ने कहा, ''हमने वर्षों तक मेहनत कर यह छोटी-सी झोपड़ी बनाई थी और घर का सामान जुटाया था। हमने जो कुछ कमाया था, वो कुछ ही मिनट में तबाह हो गया।''
बुध विहार थाने के पुलिसकर्मियों ने इलाके को घेर लिया तथा आगे से और हानि को रोकने के लिए निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में सहायता की। घटनास्थल पर लगभग 10 एम्बुलेंस भी तैनात की गईं।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, " आग पर अब काबू पा लिया गया है, लेकिन क्षेत्र को ठंडा करने की प्रक्रिया अब भी जारी है। आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है।"
भाषा नोमान रंजन
रंजन
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