हिंदी थोपने के लिए सारी हदें पार कर रही है केंद्र सरकार: स्टालिन
सुभाष
- 04 Mar 2026, 07:58 PM
- Updated: 07:58 PM
चेन्नई, चार मार्च (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने तिरुचिरापल्ली रेलवे मंडल कार्यालय के प्रवेश द्वार का नाम हिंदी में रखे जाने को लेकर बुधवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर हिंदी थोपने के लिए ''सारी हदें पार करने'' का आरोप लगाया।
रेलवे मंडल कार्यालय (तिरुचिरापल्ली) के प्रवेश द्वार को हाल में 'कर्तव्य द्वार' नाम दिया गया, जिससे राज्य में भाषा थोपने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
प्रवेश द्वार का नाम हिंदी में रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने ''एक भाषा, तीन लिपियों'' को बढ़ावा देने के बहाने तमिल और अंग्रेजी में हिंदी नाम लिखने की आड़ में हिंदी थोपना शुरू कर दिया है।
स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''उन्होंने रेलवे के तिरुचिरापल्ली मंडल कार्यालय के प्रवेश द्वार पर 'कर्तव्य द्वार' लिखा है। तमिल और अंग्रेजी नामों पर हिंदी थोपने का प्रयास छोड़ दिया जाना चाहिए और उचित तमिल नामों को तुरंत शामिल किया जाना चाहिए।''
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को तमिलों की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि केंद्र ने पहले ही भविष्य निधि कार्यालयों (ईपीएफओ) के लिए 'भविष्य निधि भवन' नाम रख दिया और नए आपराधिक कानूनों के लिए अंग्रेजी लिपि में भी संस्कृत नाम रखा है।
उन्होंने कहा, ''केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय का नाम 'जल शक्ति' हो गया है और महात्मा गांधी के नाम वाली 100 दिनों की रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदल दिया गया है। कड़वाहट और अहंकार बढ़ रहा है।''
द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने कहा, "हमें उन लोगों को उचित सबक सिखाने की जरूरत है जो तमिलों के आत्मसम्मान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।"
तमिल लिपि में हिंदी शब्दों का विरोध बढ़ने पर अन्नाद्रमुक महासचिव के. पलानीस्वामी ने केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और एक तमिल नाम देने का आग्रह किया।
पलानीस्वामी ने 'एक्स' पर कहा, ''तमिलनाडु में केंद्र सरकार के संस्थानों के नाम तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में उल्लेखित हैं, लेकिन रेलवे मंडल कार्यालय, तिरुचिरापल्ली के प्रवेश द्वार पर तमिल लिपि का इस्तेमाल बिना उचित अनुवाद के हिंदी शब्दों को लिखने के लिए किया गया।''
उन्होंने कहा कि खबरों से संकेत मिलता है कि रेलवे अधिकारी अब आपत्तियों पर गौर करते हुए हिंदी नाम हटाने पर सहमत हो गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''तमिलनाडु के लोग तमिल भाषा के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के लगाव से अच्छी तरह वाकिफ हैं। जब केंद्र सरकार लगातार तमिल भाषा को सम्मान दे रही है, तो ऐसी घटनाओं से परहेज करना चाहिए।''
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0403 1958 चेन्नई