पश्चिम एशिया संघर्ष : प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान व कुवैत के युवराज से बात की
दिलीप
- 03 Mar 2026, 08:53 PM
- Updated: 08:53 PM
नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान उनके देश पर हुए हमलों को लेकर चिंता जतायी।
टेलीफोन पर हुई बातचीत में, प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के कल्याण और सुरक्षा पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने पिछले दो दिन में आठ पश्चिम एशियाई देशों के नेताओं से बात की है। यह बातचीत अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ़ किए गए संयुक्त हमले के बाद हुई।
मोदी ने कहा कि उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बात की और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए निरंतर राजनयिक संपर्क आवश्यक है। हम ओमान के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हैं।"
कुवैत के युवराज के साथ मोदी की बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की बहाली में संवाद और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह के साथ सार्थक टेलीफोन वार्ता हुई। भारत कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा करता है और इस कठिन घड़ी में वहां के लोगों के साथ खड़ा है।"
उन्होंने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कुवैती नेतृत्व के निरंतर मदद की सराहना की।
कतर के अमीर के साथ बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
मोदी ने कहा, "मैंने अपने भाई, कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की। हम कतर के साथ पूरी तरह से एकजुटता से खड़े हैं और उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं।"
प्रधानमंत्री ने इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान कतर में भारतीय समुदाय के प्रति अमीर के समर्थन के लिए भी उनकी प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दो दिन में बहरीन के शाह और सऊदी अरब के युवराज से बात की तथा दोनों देशों पर हाल ही में हुए हमलों की निंदा की। मोदी ने कहा कि भारत इस कठिन घड़ी में उनके साथ एकजुटता से खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय से भी बात की है और क्षेत्र में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की है।
खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं। इनमें से लगभग 10,000 भारतीय नागरिक ईरान में हैं, जबकि 40,000 से अधिक लोग इजराइल में रहते हैं।
पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र अभी लगभग बंद है। पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ने के कारण उड़ानों के बाधित होने से सैकड़ों भारतीय दुबई, दोहा और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं।
रविवार को मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई।
सीसीएस की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ''सीसीएस ने क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।''
विगत में भारत ने संघर्षों के बीच पश्चिम एशिया सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों से हजारों भारतीयों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला है।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हेल्पलाइन शुरू की गई हैं।
भाषा
अविनाश दिलीप
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